Nepal Flood Update: नेपाल में आए भयानक बाढ़ से चार भारतीय सुरक्षित बाहर निकाले गए, कुल 88 भारतीयों को बचाया गया

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और लगातार हो रही तबाही के बीच राहत और बचाव का काम बहुत तेजी से चल रहा है। इसी बीच नेपाल के रसुवा जिले में स्थित एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से चार भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि बचाए गए इन लोगों में रिपु कुमार, चानेश्वर नार्जारी, कृपा शंकर और मोहम्मद मिन्हाजुद्दीन शामिल हैं। यह सफल रेस्क्यू ऑपरेशन उस बड़े अभियान का हिस्सा है जिसके तहत 26 अगस्त 2026 को नेपाल में बाढ़ शुरू होने के बाद से अब तक कुल 88 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इस भयानक आपदा ने वहां रह रहे लोगों और विदेश में काम करने वाले प्रवासियों के परिवारों को गहरी चिंता में डाल दिया है।
नेपाल में बाढ़ से हालात गंभीर और बचाव अभियान जारी
नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति अभी भी बहुत नाजुक बनी हुई है। नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और भारत की ओर से भेजी गई विशेष सुरंग-बचाव (टनल-रेस्क्यू) टीमें मिलकर लगातार लोगों की तलाश कर रही हैं। बाढ़ और भारी बारिश के कारण मरने वालों की संख्या आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 669 से 682 के बीच पहुंच चुकी है। इसके अलावा, 287 भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के 128 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। पूरे नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों में दो हजार से ज्यादा लोग ऐसे हैं जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। इस बारे में अधिक जानकारी ANI News की रिपोर्ट में दी गई है।
भारत सरकार की ओर से भेजी गई विशेष तकनीकी सहायता
इस विकट परिस्थिति से निपटने के लिए भारतीय सरकार ने काठमांडू में अपने मेडिकल और फोरेंसिक विशेषज्ञों को भेज दिया है ताकि डीएनए जांच और सुरंग बचाव कार्यों में मदद मिल सके। शनिवार को एक 11 सदस्यीय विशेष भारतीय दल भी नेपाल पहुंचा है जो वहां तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा है। इसके साथ ही, उसी दिन 120 भारतीय नागरिकों ने चीन की सीमा से नेपाल में सफलतापूर्वक प्रवेश किया है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि सरकार लापता लोगों की तलाश करने और राहत पहुंचाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। नेपाल ने इस आपदा से टूटे हुए रास्तों को ठीक करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद के तहत बेली ब्रिज और विशेष उपकरणों की औपचारिक मांग की है। इस पूरी स्थिति और राहत कार्यों की विस्तृत अपडेट ANI News के माध्यम से सामने आई है।