नेपाल के बाढ़ पीड़ितों के लिए आगे आया भारत सेवाश्रम संघ, ठेका संगठन ने भी बढ़ाया मदद का हाथ.

पड़ोसी देश नेपाल में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए भारत के कई संगठन लगातार आगे आ रहे हैं और राहत सामग्री भेजने का काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में कोलकाता के बालीगंज स्थित प्रसिद्ध भारत सेवाश्रम संघ ने नेपाल के आपदा पीड़ितों के लिए राहत सामग्रियां भेजने का बड़ा कदम उठाया है। इस मानवीय पहल को और अधिक मजबूत और असरदार बनाने के लिए दक्षिण 24 परगना ज़िला परिषद प्रोग्रेसिव कॉन्ट्रैक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने भी अपना पूरा समर्थन दिया है और संगठन के साथ मिलकर राहत कार्य में सहयोग किया है।
सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में दी गई राहत राशि
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ठेका संगठन ने भारत सेवाश्रम संघ के आधिकारिक राहत कोष में अपनी तरफ से एक निश्चित राशि दान की है। इस दान की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सोमवार को बालीगंज स्थित भारत सेवाश्रम संघ के परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में समाज के कई प्रतिष्ठित लोग और जनप्रतिनिधि शामिल हुए ताकि इस नेक काम को बढ़ावा मिल सके और अधिक से अधिक लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके।
कार्यक्रम में शामिल हुए कई दिग्गज नेता और गणमान्य लोग
बालीगंज के भारत सेवाश्रम संघ में आयोजित इस सहायता कार्यक्रम के दौरान दक्षिण 24 परगना ज़िले के प्रमुख विधायक अग्निश्वर नस्कर और देबांग्शु पांडा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी यानी भाजपा के कुछ जाने-माने नेता और क्षेत्र के अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए उठाए गए इस कदम की सराहना की और आपदा की इस घड़ी में नेपाल के नागरिकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
संकट के समय हमेशा आगे रहता है भारत सेवाश्रम संघ
आपदा के समय राहत और बचाव कार्य करना भारत सेवाश्रम संघ की पुरानी परंपरा रही है। देश या विदेश में जब भी कभी बाढ़, भूकंप या किसी भी अन्य प्राकृतिक आपदा का संकट आया है, तब यह संघ हमेशा प्रभावित लोगों के साथ मजबूती के साथ खड़ा नजर आया है। नेपाल में इस समय उत्पन्न हुए मौजूदा हालात को देखते हुए संघ ने एक बार फिर से अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को निभाया है और वहां के जरूरतमंद लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। इस प्रकार के मानवीय प्रयास दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को और अधिक मजबूत करते हैं तथा संकट में फंसे इंसानों की मदद करने का एक बड़ा संदेश पूरी दुनिया को देते हैं।