नेपाल में भीषण बाढ़ और तबाही, 626 लोगों की मौत के बाद भारत और चीन से मांगी मदद

नेपाल में आई भयानक आपदा के बाद हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए हैं और सरकार ने अब दूसरे देशों से मदद मांगने का बड़ा फैसला किया है। नेपाल के विदेश मंत्री Shisir Khanal ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि देश में आई इस भयंकर तबाही के बाद अब भारत और चीन से विशेष तकनीकी सहायता मांगी गई है। इस आपदा में अब तक कम से कम 626 लोगों की जान जा चुकी है और 2,400 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह भयानक संकट बीते बुधवार 26 अगस्त 2026 को एक ग्लेशियर के टूटने की वजह से आया था, जिसके बाद पानी और मलबे का एक बहुत बड़ा सैलाब नदियों में आ गया था। इस आपदा के बारे में अधिक जानकारी आप Ministry of Foreign Affairs Nepal की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं। शुरुआती दौर में नेपाल सरकार ने नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के जरिए अपने ही दम पर बचाव कार्य चलाने का फैसला किया था, लेकिन आपदा का दायरा इतना बड़ा हो गया कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग लेना जरूरी हो गया।
कितना हुआ है नुकसान और क्या है राहत कार्यों का हाल
नेपाल के वित्त मंत्री Swarnim Wagle ने जानकारी दी है कि देश में बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में लगभग $4 billion से $5 billion तक का खर्च आ सकता है। तेज बारिश और कम विजिबिलिटी की वजह से खोज और बचाव के काम को बीच में रोकना पड़ा था, लेकिन अब हालात सुधरने के बाद इन्हें फिर से शुरू कर दिया गया है। इस समय कुल 2,426 लोग लापता हैं, जिनमें से 517 लोग विदेशी नागरिक हैं। लगातार चल रहे बचाव अभियानों के बीच प्रशासन रिकवर हुए शवों से फैलने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए भी लगातार काम कर रहा है।
भारत और चीन की तरफ से मिल रही है मदद
भारत सरकार ने नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया है। भारत ने लगभग 60 टन राहत सामग्री लेकर तीन विमान नेपाल भेजे हैं। इस राहत सामग्री में दवाइयां, कंबल, खाना और पानी साफ करने की गोलियां शामिल हैं। भारत की तरफ से एक 11-सदस्यीय विशेष दल भी नेपाल पहुंच चुका है जो टनल रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटा हुआ है। इसके अलावा मेडिकल टीमों और पुल के हिस्सों के जरिए आगे भी मदद का भरोसा दिया गया है। दूसरी तरफ चीन ने भी इस संकट पर दुख जताते हुए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की बात कही है और जल्द ही वहां से भी एक टनल रेस्क्यू टीम के नेपाल आने की उम्मीद है। इस आपदा का असर चीन के तिब्बत क्षेत्र पर भी पड़ा है, जहां सात लोगों की मौत की खबर है और करीब 554 से 558 लोग लापता हैं। अल जजीरा की रिपोर्टर Minelle Fernandez काठमांडू से इस पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और जमीनी रिपोर्ट साझा कर रही हैं।