नेपाल में बाढ़ का कहर, कुल मरने वालों की संख्या बढ़कर 784 हुई और कई लोग अभी भी लापता.

नेपाल और चीन के तिब्बत क्षेत्र में आए भयानक बाढ़ और भूस्खलन की वजह से स्थिति बहुत गंभीर बनी हुई है। इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 784 हो गई है, जबकि 3,044 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। यह दर्दनाक हादसा पिछले महीने 26 अगस्त 2026 को एक हिमनद यानी ग्लेशियर के टूटने की वजह से शुरू हुआ था, जिसके बाद 5.2 तीव्रता का भूकंप भी आया था। खोज और बचाव अभियान का आज पांचवां दिन है और प्रशासन लगातार राहत कार्यों में जुटा हुआ है ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
आपदा का असर और आधिकारिक आंकड़े
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण यानी NDRRMA के अनुसार, अकेले नेपाल के भीतर ही 768 लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है। वहीं दूसरी तरफ, चीनी अधिकारियों ने तिब्बत में 16 लोगों के मारे जाने की बात कही है। रेड क्रॉस के अनुमान के मुताबिक, इस लगातार जारी संकट की वजह से 90,000 से ज्यादा लोग या तो विस्थापित हुए हैं या फिर किसी न किसी रूप में प्रभावित हुए हैं। नेपाल में लापता होने वालों का आंकड़ा बढ़कर 2,502 पहुंच गया है, जिसमें 933 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के काम करने वाले मजदूर और 589 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। चीनी अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार, तिब्बत की तरफ से 546 लोग लापता हैं, जिनमें 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इन विदेशी नागरिकों में 104 नेपाली, 49 भारतीय, 33 लातवियाई, 18 अमेरिकी और 15 ब्रिटिश नागरिक शामिल हैं। इस बड़ी आपदा के संबंध में अधिक जानकारी आप ANI News की रिपोर्ट में पढ़ सकते हैं।
राहत और बचाव कार्यों की चुनौतियां
रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी के लिए नया बाढ़ अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन के लोगों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें क्योंकि हिमालय के ऊपरी हिस्से में बनी झील ओवरफ्लो हो रही है। बचाव अभियान काफी मुश्किल भरा साबित हो रहा है, खासकर त्रिशूली 3A हाइड्रोइलेक्ट्रिक साइट पर, जहां नेपाली सेना ने सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों तक पहुंचने के लिए एक एयर पाइप डालने में सफलता हासिल की है। गृह मंत्री सुदान गुरुंग ने इस बात की पुष्टि की है कि इन बचाव प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए तेजी से खुदाई का काम किया जा रहा है। शवों के सड़ने और स्वास्थ्य से जुड़े खतरों को ध्यान में रखते हुए, अधिकारियों ने डीएनए सैंपल लेने के बाद अज्ञात पीड़ितों का सामूहिक अंतिम संस्कार करना शुरू कर दिया है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने इस स्थिति को हाल के वर्षों की सबसे गंभीर सीमा पार आपदा बताया है।
अंतर्राष्ट्रीय सहायता और सहयोग
इस मुश्किल समय में नेपाल की मदद के लिए दुनिया भर से हाथ आगे बढ़ रहे हैं। यूनाइटेड किंगडम की तरफ से 68 लाख डॉलर, अमेरिका और कनाडा दोनों की तरफ से 36-36 लाख डॉलर और मलेशिया की तरफ से 10 लाख डॉलर की आर्थिक सहायता पहुंच रही है। नेपाल, चीन और तमाम वैश्विक संगठन मिलकर इस आपात स्थिति से निपटने के लिए लगातार तालमेल बना रहे हैं और राहत सामग्री प्रभावित इलाकों तक पहुंचाई जा रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा जिंदगियों को बचाया जा सके।