नेपाल जलप्रलय अपडेट: बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 389 लोगों की मौत, 977 लापता, बचाव कार्य जारी.

Sushma Kumari28 August 20263 min read46 viewsWorld
नेपाल जलप्रलय अपडेट: बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 389 लोगों की मौत, 977 लापता, बचाव कार्य जारी.

नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के कारण हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं और देश में जलप्रलय का आज तीसरा दिन है। तिब्बत से आए पानी के तेज सैलाब के बाद रसुवा जिले की भोटेकोशी नदी में उफान आ गया जिससे भारी तबाही मची है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार आपदा प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 389 शव बरामद किए जा चुके हैं और 977 लोग अभी भी लापता हैं। इस भयंकर आपदा में देश से लेकर विदेश तक के नागरिक प्रभावित हुए हैं जिनमें बड़ी संख्या में पर्यटक भी शामिल हैं।

लापता लोगों में सुरक्षाकर्मी और विदेशी पर्यटक भी शामिल

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी की गई छठी रिपोर्ट के मुताबिक लापता बताए गए 977 लोगों में नेपाल पुलिस के 28 जवान, नेपाल सेना के 45 जवान, सशस्त्र पुलिस बल के 13 जवान, कस्टम कार्यालय के 15 कर्मचारी और इमिग्रेशन कार्यालय के 4 कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा इस आपदा में 517 विदेशी नागरिक और विदेश में रहने वाले 127 नेपाली नागरिक भी लापता हैं जो नेपाल घूमने आए थे। इस प्राकृतिक आपदा में कुल 73 लोग घायल हुए हैं जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। नेपाल पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सबसे अधिक 108 शव रसुवा से बरामद किए गए हैं जबकि चितवन में 62, पूर्वी नवलपरासी में 62, पश्चिमी नवलपरासी में 15, धादिंग में 27, गोरखा में 20, नुवाकोट में 12, तनहूं में 9 और अन्य जगहों से भी शव बरामद हुए हैं। घायलों में से 52 लोगों का इलाज त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर, वीर अस्पताल, नर्भिक अस्पताल, मनमोहन अस्पताल और वीरेन्द्र सैनिक अस्पताल में चल रहा है।

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राहत और बचाव कार्यों में जुटे हजारों सुरक्षाकर्मी

प्रभावित इलाकों में खोज, बचाव और राहत कार्यों के लिए कुल 13,295 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है जिनमें 7,250 नेपाल पुलिस के जवान, 4,200 नेपाल सेना के जवान और 1,845 सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल हैं। इसके अलावा बचाव अभियान में कुल 15 हेलीकॉप्टरों को लगाया गया है जिसमें नेपाल सेना के 6 और निजी क्षेत्र के 9 हेलीकॉप्टर शामिल हैं। इन हेलीकॉप्टरों की मदद से अब तक 1,976 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं, संचार, बिजली बहाली और सड़क नेटवर्क को ठीक करने के वास्ते 12 आपातकालीन समन्वय टीमें तैनात की गई हैं। देवीघाट में सड़क को ठीक कर लिया गया है और अन्य प्रमुख मार्गों पर मशीनरी के जरिए रास्ते तैयार किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने संभाली कमान और भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने का काम जारी

बाढ़ प्रभावित नुवाकोट जिले का दौरा करने के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने कहा कि स्थिति अभी भी काफी चुनौतीपूर्ण है लेकिन पूरा सरकारी तंत्र पूरी क्षमता के साथ काम कर रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता हर नागरिक की जान बचाना, लापता लोगों की तलाश करना, घायलों का इलाज करना और प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत पहुंचाना है। इस बीच, भारत के विदेश मंत्रालय ने राहत की खबर देते हुए नेपाल में त्रिशूली-आई प्रोजेक्ट में काम कर रहे 63 भारतीय नागरिकों और तमिलनाडु के 21 नागरिकों के नाम जारी किए हैं जिन्हें सुरक्षित बचा लिया गया है। तमिलनाडु के ये नागरिक कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए थे। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया के जरिए यह जानकारी दी और बताया कि जिन नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है उनकी लोकेशन का पता लगाने के प्रयास लगातार जारी हैं। नेपाल सरकार ने रसुवागढ़ी सीमा के पास लेंडे नदी का बहाव रुकने से बनी झील के कारण निचले इलाकों में लोगों को पूरी तरह सतर्क रहने की चेतावनी दी है।

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