नेपाल में भारी बाढ़ का कहर, 11 जलविद्युत परियोजनाओं के 898 लोग अभी भी लापता.

नेपाल में हाल ही में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई है, जिसके कारण देश भर में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। काठमांडू से सामने आई एक बड़ी और चिंताजनक जानकारी के अनुसार, रसुवा इलाके में आई भयानक बाढ़ की वजह से विभिन्न 11 जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े कुल 898 लोग अब भी संपर्क से बाहर हैं और उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। इस पूरी स्थिति को लेकर निजी विद्युत उत्पादकों की प्रमुख संस्था इप्पान (IPPAN) ने ताजा आंकड़े सार्वजनिक किए हैं, जिससे पता चलता है कि आपदा का असर कितना व्यापक रहा है।
अपर त्रिशूली-1 परियोजना पर सबसे बड़ा असर
इप्पान द्वारा जारी किए गए इन डरावने आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक नुकसान और लोगों के लापता होने की खबर अपर त्रिशूली-1 परियोजना से सामने आई है, जहाँ अकेले इस प्रोजेक्ट से जुड़े 576 लोग संपर्कविहीन हैं। आपको बता दें कि रसुवा जिले में स्थित यह महत्वपूर्ण जलविद्युत परियोजना करीब 216 मेगावाट की क्षमता वाली है। इसके अलावा, इसी क्षेत्र में स्थित रसुवागढ़ी जलविद्युत परियोजना में भी 93 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है.
इप्पान की रिपोर्ट के अनुसार, आपदा का प्रकोप यहीं नहीं रुका बल्कि रसुवा के अन्य हिस्सों में भी बड़े पैमाने पर लोग फंसे या लापता हुए। जिले की रसुवा-भोटेकोशी जलविद्युत परियोजना में 4 लोग, जबकि प्रसिद्ध लांगटांग जलविद्युत परियोजना में 42 लोग लापता हैं। इसी तरह, चिलिमे क्षेत्र में 8 लोग और मेलुंग खोला जलविद्युत परियोजना में 7 लोग लापता बताए गए हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं.
नुवाकोट और अन्य क्षेत्रों में भी संकट
केवल रसुवा ही नहीं, बल्कि नुवाकोट की तरफ वाले इलाकों में भी जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े लोगों पर कुदरत का कहर टूटा है। नुवाकोट की ओर से सबसे ज्यादा लोग अपर त्रिशूली-3 बी परियोजना से लापता हुए हैं, जिनकी संख्या ताजा आंकड़ों के अनुसार 122 है। इसके पास ही स्थित अपर त्रिशूली-3 ए परियोजना में भी 42 लोग पूरी तरह संपर्कविहीन हो चुके हैं। इसके अलावा, मिडिल त्रिशूली गंगा में 2 लोग, जबकि त्रिशूली जलविद्युत परियोजना और देविघाट जलविद्युत परियोजना में एक-एक व्यक्ति के लापता होने की आधिकारिक पुष्टि की गई है.
सुरंगों में फंसे हैं लोग और राहत कार्य जारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाए जा रहे हैं। इप्पान ने अपनी जानकारी में बताया है कि अपर त्रिशूली-1, अपर त्रिशूली-3 ए और 3 बी परियोजनाओं की अंडरग्राउंड सुरंगों के अंदर करीब 300 लोग फंसे हुए हैं, जिन्हें बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीमें लगातार जुटी हुई हैं। हालांकि, इन सबके बीच राहत भरी खबर यह है कि अब तक विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं के कुल 361 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बचाए गए लोगों में अकेले अपर त्रिशूली-1 से 254 लोग, लांगटांग से 18 लोग और त्रिशूली-3 बी परियोजना से 91 लोगों को जीवित रेस्क्यू करने में सफलता मिली है। इस संबंध में अधिक विस्तृत जानकारी और आधिकारिक अपडेट आप हिन्दुस्थान समाचार की वेबसाइट पर देख सकते हैं, जहाँ पत्रकार पंकज दास ने इस पूरी घटना को विस्तार से रिपोर्ट किया है.