नेपाल में भारी बाढ़ से पाँच अरब डॉलर का भारी नुकसान, पनबिजली परियोजनाएं तबाह और राहत कार्य जारी.

नेपाल में हाल ही में आई भयानक बाढ़ और तबाही के बाद देश को पटरी पर लाने के लिए लगभग $4 billion से $5 billion यानी चार से पाँच अरब डॉलर की बहुत बड़ी रकम की जरूरत महसूस हो रही है। वित्त मंत्री Swarnim Wagle के अनुसार यह खर्च देश की कुल अर्थव्यवस्था का लगभग दसवां हिस्सा है। इस आपदा की वजह से नेपाल की बुनियादी संरचना और संपत्ति को भारी चोट पहुँची है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है और सरकार तथा प्रशासन राहत कार्यों में तेजी से जुट गए हैं।
बाढ़ से ऊर्जा सेक्टर को बड़ा झटका
इस आपदा ने नेपाल के ऊर्जा क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है जिससे देश की कुल पनबिजली क्षमता का दस प्रतिशत से अधिक हिस्सा पूरी तरह से ठप हो गया है। नेपाल आपदा एजेंसी की September 5, 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआती नुकसान 387.5 billion Nepalese rupees यानी करीब $2.5 billion तक पहुँच चुका है, जबकि सरकारी राहत कोष में केवल 11 billion Nepalese rupees यानी लगभग $83 million ही मौजूद हैं। कुल 11 चालू प्लांट या तो क्षतिग्रस्त हो गए हैं या पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं, जिससे 281 megawatts की स्थापित क्षमता खत्म हो गई है। इसके अलावा निर्माणधीन 388 megawatts क्षमता को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है और त्रिशूली नदी के पास ट्रांसमिशन लाइनें फेल होने की वजह से 150 megawatts बिजली का उत्पादन अभी भी नेशनल ग्रिड से कटा हुआ है।
बचाव अभियान और अंतरराष्ट्रीय सहायता
देश में फंसे लोगों को निकालने के लिए खोज और बचाव अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने September 5, 2026 को त्रिशूली प्रोजेक्ट की एक पनबिजली सुरंग से एक चीनी पुरुष और महिला को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि इससे एक दिन पहले यानी September 4, 2026 को दो नेपाली मजदूरों को भी बचाया गया था। नुवाकोट शहर के एक घर से एक अन्य महिला को भी सुरक्षित निकाला गया है। प्रधानमंत्री Balendra Shah ने अब तुरंत मिलने वाली राहत के बजाय लंबे समय के पुनर्निर्माण पर ध्यान देने की बात कही है। इस मुश्किल समय में मदद के लिए संयुक्त राष्ट्र ने $49.6 million की एक फ्लैश अपील जारी की है जिससे 84,000 से ज्यादा प्रभावित लोगों की मदद की जा सके। इसके अलावा यूरोपीय संघ की तरफ से 82 metric tons राहत सामग्री और स्विट्जरलैंड की तरफ से कुल $2 million की सहायता राशि की प्रतिबद्धता मिली है। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक Ministry of Foreign Affairs Nepal की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।
जलवायु न्याय और भविष्य की नीतियां
नेपाल सरकार वैश्विक मंचों पर लगातार जलवायु न्याय की मांग उठा रही है। वित्त मंत्री Swarnim Wagle और पर्यावरण मंत्री Gita Chaudhary ने लॉस एंड डैमेज फंड बोर्ड के सामने औपचारिक रूप से वित्तीय सहायता के लिए अर्जी दी है। सांसद Dr. Tosima Karki ने साफ कहा है कि नेपाल इन विनाशकारी बाढ़ों को सीधे तौर पर वैश्विक जलवायु संकट का परिणाम मानता है। आपदा लचीला बुनियादी ढांचा गठबंधन के विशेषज्ञ Ramraj Narasimhan का कहना है कि भविष्य में जब भी निर्माण कार्य किए जाएं तो केवल टूटी हुई चीजों को दोबारा बनाने के बजाय सेवाओं की निरंतरता और मजबूत वैकल्पिक प्रणालियों पर ज्यादा जोर दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही भूमि प्रबंधन, सहकारी और गरीबी निवारण मंत्रालय उन बस्तियों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने के लिए नया कानून लाने की तैयारी कर रहा है जो बाढ़ और आपदा के लिहाज से बहुत संवेदनशील इलाकों में बसी हुई हैं।