नेपाल बाढ़ हादसा: भारत सरकार ने दिया मदद का भरोसा, लापता नागरिकों की तलाश जारी

Nura Basta8 September 20262 min read30 viewsIndia
नेपाल बाढ़ हादसा: भारत सरकार ने दिया मदद का भरोसा, लापता नागरिकों की तलाश जारी

नेपाल में आए भयानक बाढ़ और आपदा के बाद भारत सरकार ने लगातार मदद पहुँचाने का बड़ा ऐलान किया है। 26 अगस्त 2026 को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आए हिमस्खलन और बाढ़ के कारण भारी तबाही मची थी। इस संकट की घड़ी में भारत ने नेपाल को लंबी अवधि तक बचाव, राहत और पुनर्निर्माण कार्य में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने 8 सितंबर 2026 को हुई प्रेस ब्रीफिंग में इस बात की पुष्टि की है कि भारत इस आपदा से निपटने के लिए पूरी तत्परता से काम कर रहा है।

लापता नागरिकों की तलाश और राहत कार्य

इस भीषण प्राकृतिक आपदा में अभी भी 275 भारतीय नागरिक लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें से 49 लोग चीन की सीमा वाले हिस्से में गायब हुए थे। राहत की बात यह है कि अब तक 169 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। स्थिति पर लगातार नजर रखने और बचाव कार्यों को सही दिशा देने के लिए भारतीय सरकार ने नई दिल्ली, बीजिंग और काठमांडू में 24 घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम बनाए हैं। भारत की तरफ से अब तक 95 टन राहत सामग्री सात विमानों के जरिए नेपाल पहुंचाई जा चुकी है। इसके अलावा, नेपाल में विशेष फोरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीमों को भी तैनात किया गया है, जो राहत और पहचान के काम में जुटी हुई हैं। काठमांडू की दो प्रयोगशालाओं में 1,200 डीएनए सैंपल प्रोसेस किए जा रहे हैं ताकि पीड़ितों की पहचान आसानी से हो सके।

भारी नुकसान और आगे की सहायता

नेपाल सरकार और आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा में कुल मरने वालों की संख्या 1,356 तक पहुंच गई है, जबकि 4,994 लोग अभी भी लापता हैं और 13,396 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। इस बाढ़ के कारण क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है। रासुवा और चितवन के बीच 41 मोटर योग्य पुल पूरी तरह नष्ट हो गए हैं और 4 पुल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस नुकसान की भरपाई और नेपाल की मदद के लिए भारत जल्द ही और अधिक फोरेंसिक किट और बेली ब्रिज भेजने की योजना बना रहा है। इसके साथ ही, भारतीय दूतावास ने चीन से भी अपील की है कि तिब्बत-नेपाल सीमा के पास लापता हुए लोगों के परिवार वाले अपने डीएनए सैंपल दें ताकि चीनी अधिकारी पहचान प्रक्रिया में मदद कर सकें। इस पूरी जानकारी के बारे में विस्तार से जानने के लिए आप ANI News और News On Air की आधिकारिक रिपोर्ट देख सकते हैं।

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