Nepal Floods: नेपाल में आए भयानक बाढ़ और भूस्खलन में रांची के रामप्रसाद लापता, मंत्री संजय Seth ने दी जानकारी.

Nura Basta30 August 20262 min read24 viewsIndia
Nepal Floods: नेपाल में आए भयानक बाढ़ और भूस्खलन में रांची के रामप्रसाद लापता, मंत्री संजय Seth ने दी जानकारी.

नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की घटना के बाद भारत के झारखंड राज्य से ताल्लुक रखने वाले एक व्यक्ति का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। केंद्रीय मंत्री Sanjay Seth ने इस बात की जानकारी दी है कि Ranchi के रहने वाले Ramprasad Ghosh अभी भी लापता हैं और उनके बारे में कोई सुराग नहीं मिला है। यह पूरी घटना नेपाल और तिब्बत सीमा पर ग्लेशियर टूटने की वजह से हुई थी, जिसके बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं।

लापता हुए 41 साल के रामप्रसाद घोष रांची के Hyder Ali Road के रहने वाले थे और नेपाल के गंभीर रूप से प्रभावित Rasuwa क्षेत्र में स्थित Upper Trishuli Hydropower Project में प्रशासक यानी एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में काम कर रहे थे। उनके परिवार में उनके 75 साल के बुजुर्ग पिता Ranjit Kumar Ghosh भी शामिल हैं, जिनकी अपने बेटे से आखिरी बार बातचीत August 25, 2026 को सोशल मीडिया कॉल के जरिए हुई थी। परिवार इस अचानक आई आपदा के बाद से बेहद चिंतित और परेशान है।

परिवार और प्रशासन की तलाश जारी

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इस बड़ी त्रासदी के सामने आने के बाद रामप्रसाद घोष के भाई तुरंत व्यक्तिगत रूप से उनकी तलाश करने के लिए काठमांडू पहुंच गए थे। हालांकि, काफी कोशिशों के बाद भी उन्हें अपने भाई की मौजूदगी या उनके ठिकाने के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है। इस बीच, झारखंड राज्य के प्रवासी नियंत्रण कक्ष यानी स्टेट माइग्रेंट कंट्रोल रूम ने आधिकारिक तौर पर रामप्रसाद घोष की सभी जरूरी जानकारी और विवरण भारतीय दूतावास यानी Indian Embassy को सौंप दिए हैं, ताकि उन्हें ढूंढने के अभियान में तेजी लाई जा सके।

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे यानी US Geological Survey की रिपोर्ट के मुताबिक यह बड़ी तबाही नेपाल-तिब्बत सीमा पर एक ग्लेशियर के ढहने की वजह से मची थी। इस प्राकृतिक आपदा के कारण नेपाल और तिब्बत दोनों क्षेत्रों में मिलाकर लगभग 3,000 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में सुरक्षा बल लगातार जुटे हुए हैं।

सरकार और राहत कार्यों की स्थिति

केंद्रीय मंत्री संजय Seth ने पहले भी इस बात पर जोर दिया था कि संकट में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और मदद के लिए भारतीय सेना यानी Indian Army पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही है। सरकार इस पूरे मामले पर बहुत गंभीरता से नजर बनाए हुए है। देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi भी व्यक्तिगत तौर पर इस स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि प्रभावित क्षेत्र तक समय पर पूरी मानवीय सहायता पहुंचाई जा सके।

नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, August 29, 2026 तक लापता लोगों की सूची में 933 हाइड्रोपावर वर्कर्स को और जोड़ा गया है। बचाव दल और रेस्क्यू टीमें लगातार उन हाइड्रोइलेक्ट्रिक सुरंगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं, जहां काम करने वाले कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। इस बारे में अधिक जानकारी आप ANI News पर देख सकते हैं।

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