नेपाल में बाढ़ के पांच दिन बाद सुरंगों में शुरू हुआ बचाव अभियान, भारत और चीन की टीमें कर रही हैं काम

Aanya30 August 20263 min read19 viewsWorld
नेपाल में बाढ़ के पांच दिन बाद सुरंगों में शुरू हुआ बचाव अभियान, भारत और चीन की टीमें कर रही हैं काम

नेपाल में आई भयानक बाढ़ के पूरे 5 दिन बाद आखिरकार सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान तेजी से शुरू कर दिया गया है। नेपाल सरकार की तरफ से समय पर अनुमति न मिलने के कारण राहत कार्यों में बहुत देरी हुई, जिससे वहां फंसे लोगों की जान का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा था। अब जाकर भारतीय और चीनी बचाव दल नेपाल पहुंचे हैं और प्रभावित इलाकों में मोर्चा संभाल लिया है।

रसुवा में जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे हैं लोग

रसुवा जिले में आई भयंकर बाढ़ के कारण विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों के भीतर करीब 600 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े लोगों ने यह बात साफ की है कि उन्होंने सरकार से बार-बार मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन समय पर सरकारी मदद न मिलने के कारण समय रहते कर्मचारियों और मजदूरों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाला जा सका। विशेषज्ञों का मानना है कि राहत कार्य में इतनी लंबी देरी होने की वजह से सुरंग के अंदर फंसे लोगों को बचाना बेहद जोखिम भरा साबित हो रहा है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

रविवार से शुरू हुआ राहत और बचाव का काम

रविवार के दिन से चिलिमे, अपर त्रिशूली-1 और लांगटांग जलविद्युत परियोजनाओं के प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान का काम आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया गया है। बाढ़ आने के पूरे पांच दिन बीत जाने के बाद रविवार को ही अपर त्रिशूली-3ए परियोजना की सुरंग का भी पता चल पाया है, हालांकि वहां पर अभी तक बचाव अभियान पूरी तरह से शुरू नहीं हो सका है। त्रिशूली कॉरिडोर की सबसे बड़ी निर्माणाधीन परियोजना यूटी-1 में भी रविवार से ही भारतीय बचाव दल ने मोर्चा संभाल लिया है और लगातार काम कर रहा है।

संपर्क से बाहर हैं सैकड़ों लोग

निर्माण कंपनी नेपाल वाटर एंड एनर्जी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) गिरिराज अधिकारी के मुताबिक, परियोजना क्षेत्र में काम कर रहे करीब 600 लोग अभी भी किसी भी तरह के संपर्क में नहीं आ पाए हैं। इनमें से लगभग 400 लोगों के सीधे तौर पर सुरंग के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, गनीमत यह रही कि परियोजना क्षेत्र में अपनी जान बचाने में कामयाब रहे 260 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जिसमें 10 कोरियाई नागरिक भी शामिल हैं। सीईओ के अनुसार, सुरंग के भीतर फंसे कुल लोगों में से करीब 300 लोग सुरंग के अंदर ही काम में जुटे हुए थे, जबकि लगभग 100 लोग हेडवर्क्स के इलाके में काम कर रहे थे।

भारत और चीन की टीमों की तैनाती

चिलिमे जलविद्युत परियोजना में राहत कार्यों को अंजाम देने के लिए 11 सदस्यीय भारतीय बचाव दल को खास तौर पर तैनात किया गया है। चिलिमे जलविद्युत परियोजना की सुरंग के अंदर फंसे कुल छह लोगों में से दो दुर्भाग्यपूर्ण लोगों के शव भारतीय और नेपाली सेना की संयुक्त बचाव टीम ने बाहर निकाल लिए हैं। इसके अलावा, रसुवा की इस भयानक बाढ़ के बाद बचाव अभियान में मदद के लिए नेपाल पहुंची चीनी बचाव टीम को 216 मेगावाट की अपर त्रिशूली-1 (यूटी-1) परियोजना में लगाया गया है। विदेश मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, यह चीनी टीम इस परियोजना की मुख्य चीनी ठेकेदार कंपनी चाइना रेलवे के साथ पूरा तालमेल बिठाकर बचाव कार्य में जुटी है और नौ सदस्यीय चीन की यह टीम प्रभावित क्षेत्र में पूरी तरह तैनात हो चुकी है।

Share:

Comments

Leave a comment