नेपाल बाढ़ का कहर, मरने वालों की संख्या 1100 के पार, परिवारों ने शुरू किए प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार.

Aanya3 September 20263 min read42 viewsWorld
नेपाल बाढ़ का कहर, मरने वालों की संख्या 1100 के पार, परिवारों ने शुरू किए प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार.

नेपाल में ग्लेशियर टूटने से आए विनाशकारी बाढ़ और अचानक आए सैलाब के बाद राहत और बचाव कार्य अब भी जारी है। देश के विभिन्न जिलों खासकर नवाकोट और काठमांडू में परिवारों ने अपने लापता रिश्तेदारों के लिए प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करने शुरू कर दिए हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार 2 सितंबर तक मरने वालों की संख्या 1,127 तक पहुंच चुकी है जबकि 4,858 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इस भयानक आपदा ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है और आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। लापता लोगों की इस लंबी सूची में 39 देशों के 590 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं हालांकि राहत दल ने अब तक 324 विदेशी नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। इस बीच ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज़ ने पुष्टि की कि लापता ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की संख्या 43 से घटकर 38 हो गई है।

बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों की तैनाती और रेस्क्यू ऑपरेशन

आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को ढूंढने के लिए सरकार ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस समय कुल 21,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी गहन खोज और बचाव अभियान में जुटे हुए हैं। बचाव दल का मुख्य ध्यान लगभग 900 लापता हाइड्रोपावर वर्कर्स को खोजने पर है जिनमें से करीब 500 लोगों के क्षतिग्रस्त प्रोजेक्ट साइटों की मलबे से भरी सुरंगों में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। सुरंग विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स ने प्रभावित साइटों का दौरा करने के बाद बताया कि ये जगहें ऐसी दिख रही हैं मानो वहां कोई बड़ा बम फट गया हो। इस भीषण तबाही की वजह से कम से कम 12 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पूरी तरह से तबाह हो गए हैं जिससे नेशनल ग्रिड से लगभग 700 मेगावाट बिजली की क्षमता कम हो गई है। बिजली ठप होने से राहत कार्यों में भी काफी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

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वित्तीय नुकसान और राहत सामग्री की आपूर्ति

इस आपदा के बाद देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए वित्तीय और लॉजिस्टिक मदद आनी शुरू हो गई है। वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने जानकारी दी कि शुरुआती पुनर्निर्माण की लागत 4 अरब से 5 अरब डॉलर के बीच आंकी गई है जो नेपाल की कुल अर्थव्यवस्था का लगभग दसवां हिस्सा है। इसमें अकेले सड़कों और पुलों को हुआ नुकसान ही 1.3 अरब डॉलर का है। राहत कार्यों में तेजी लाते हुए डायरेक्ट रिलीफ संस्था ने माउंटेन हार्ट नेपाल के लिए जल जनित बीमारियों और इमरजेंसी ट्रॉमा से निपटने के वास्ते 14 टन से अधिक मेडिकल सप्लाई पहले ही भेज दी है जबकि 21 टन अतिरिक्त सामान रास्ते में है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए ReliefWeb Report पर जा सकते हैं। इसके अलावा चीन ने भी बचाव कार्यों को सुगम बनाने के लिए ग्योंग पोर्ट पर एक अस्थायी पहुंच सड़क का निर्माण पूरा कर लिया है।

मौसम विभाग की चेतावनी और खतरा बरकरार

नेपाल के जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 3 सितंबर तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस लगातार हो रही बारिश की वजह से देश में भूस्खलन और स्थानीय स्तर पर बाढ़ का खतरा अभी भी बना हुआ है। मौसम की इस बेरुखी के कारण बचाव टीमों को काम करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आम जनता से अपील की गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह से पालन करें। इस संबंध में ताजा अपडेट्स के लिए US Embassy Natural Disaster Alert की आधिकारिक वेबसाइट को देख सकते हैं।

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