नेपाल में ग्लेशियर टूटने से मची भारी तबाही, चीन ने सफाई देते हुए दिया बड़ा बयान.

काठमांडू में आई ताजा आपदा को लेकर चीन की तरफ से एक बड़ा बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने इस पूरी घटना के पीछे की असल वजह का खुलासा किया है। 28 अगस्त को काठमांडू में आयोजित एक खास प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि नेपाल में जो मौजूदा तबाही और बाढ़ आई है, उसका मुख्य कारण ऊंचाई वाले इलाके में स्थित एक ग्लेशियर का टूटना है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों के विशेषज्ञों ने मिलकर इस बात का शुरुआती आकलन किया है।
चीन पर लग रहे हैं गंभीर आरोप
दुनिया भर की मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात का दावा किया जा रहा है कि इस भयानक तबाही के लिए सीधे तौर पर चीन जिम्मेदार है, जिसके बाद बीजिंग की तरफ से यह सफाई सामने आई है। नेपाल के स्थानीय लोगों और जानकारों के बीच इस बात को लेकर काफी ज्यादा गुस्सा देखा जा रहा है कि चीन की तरफ से इस आपदा को लेकर पहले से कोई भी चेतावनी या सूचना नहीं दी गई थी। समय पर जानकारी न मिलने की वजह से नेपाल को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है और संपत्ति के साथ-साथ जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
सामने आए पुख्ता प्रमाण
प्राप्त होने वाले सभी प्रमाण इस बात की तरफ साफ इशारा कर रहे हैं कि यह भयानक बाढ़ चीन के कब्जे वाले तिब्बत के इलाके से बहकर नेपाल की तरफ आई है। नेपाल के रसुवा जिले के ठीक ऊपर चीन का केरूंग इलाका स्थित है और इसी रास्ते से पानी का तेज सैलाब नेपाल की सीमाओं में दाखिल हुआ था। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप हिन्दुस्थान समाचार की रिपोर्ट देख सकते हैं। हालांकि तमाम सबूत सामने होने के बावजूद चीनी प्रवक्ता ने इसे नेपाल के अपने ही क्षेत्र में ग्लेशियर का टूटना करार दिया है, जिसे लेकर विवाद और ज्यादा गहराता जा रहा है।