नेपाल में बड़ा हादसा, हाइड्रोपावर सुरंगों में फंसे 900 से ज्यादा मजदूरों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज.

Sushma Kumari31 August 20263 min read40 viewsWorld
नेपाल में बड़ा हादसा, हाइड्रोपावर सुरंगों में फंसे 900 से ज्यादा मजदूरों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज.

नेपाल में पिछले दिनों आए भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव का काम बहुत तेजी से चल रहा है। 26 अगस्त 2026 को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आए 5.2 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद हुए भूस्खलन की वजह से भारी तबाही मची थी। इस भयंकर आपदा में नेपाल में आधिकारिक तौर पर 903 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि तिब्बत में 16 लोगों की जान गई है। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के आंकड़ों के मुताबिक, नेपाल में 4,247 लोग अभी भी लापता हैं और तिब्बत में 546 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में लापता लोगों की कुल संख्या 4,700 से ज्यादा हो गई है।

सुरंगों के अंदर फंसे हैं 500 से ज्यादा मजदूर

राहत टीमों का पूरा ध्यान इस समय भूटकोशी नदी के किनारे चल रही परियोजनाओं पर है। चिलिमे हाइड्रोपावर सुरंग के अंदर बचाव दल ने लगभग 100 मीटर की गहराई से कीचड़ में दबे दो शव बरामद किए, जबकि अपर त्रिशुली-1 प्रोजेक्ट की सुरंग से 300 मीटर अंदर से एक और शव निकाला गया। त्रिशुली-3 'ए' साइट पर बचाव कर्मियों ने 31 अगस्त की सुबह 2:00 बजे मलबे को हटाने के लिए विस्फोटकों का इस्तेमाल किया और दो एक्सकेवेटर की मदद से 10 मीटर गहरा एक्सेस होल बनाया। वहीं, 250 मीटर लंबी रसुवागढी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट सुरंग में खोज अभियान तब समाप्त हुआ जब बचाव दल बिना किसी सफलता के 225 मीटर तक अंदर पहुंच गया।

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सेना और अंतरराष्ट्रीय टीमों का अभियान जारी

नेपाली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बसनेथ ने बताया कि सुरंगों के आसपास के इलाकों से कुल 279 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, हालांकि सुरंगों के अंदर से अभी तक कोई भी जीवित व्यक्ति नहीं मिला है। प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने कहा कि अपर त्रिशुली 3A सुरंग में फंसे हो सकने वाले लोगों से संपर्क करने की कोशिश के दौरान अंदर से कोई आवाज नहीं आई। जानकारों का कहना है कि संचार साधनों के बंद होने और बिजली की सप्लाई सीमित होने की वजह से लोगों के जीवित बचने की उम्मीदें लगातार कम होती जा रही हैं।

राहत सामग्री और अंतरराष्ट्रीय मदद

इस बड़े बचाव अभियान के लिए लगभग 21,000 सुरक्षाकर्मियों और वॉलंटियर्स को मैदान में उतारा गया है और नेपाल के धुंचे इलाके में 23,194 किलोग्राम राहत सामग्री पहुंचाई जा चुकी है। इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन नेपाल (IPPAN) के अध्यक्ष मोहन कुमार डांगी के अनुसार, लापता मजदूरों में से कम से कम 500 लोग सुरंगों के अंदर ही फंसे हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा की वजह से नेपाल के 11 हाइड्रोपावर स्टेशन और एक सोलर प्लांट पूरी तरह खराब हो चुके हैं, जिससे कुल 431.1 मेगावाट बिजली का उत्पादन रुक गया है। यह आंकड़ा नेपाल की कुल बिजली क्षमता का करीब 10 प्रतिशत है। संकट की इस घड़ी में CARE नेपाल, UNICEF और संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाएं मानवीय सहायता पहुंचा रही हैं, और संयुक्त राष्ट्र ने अपने ग्लोबल इमरजेंसी फंड से 2 मिलियन डॉलर जारी किए हैं। चीनी समकक्षों से बढ़ते जलस्तर की सूचना मिलने के बाद नेपाल के अधिकारियों ने 30 अगस्त को बाढ़ की नई चेतावनी जारी की थी और लोगों से पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की थी।

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