Nepal Flood Alert: नेपाल में मंडराया बड़ा खतरा, भूटकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने से कई जिलों में हाई अलर्ट जारी

नेपाल में मौसम की मार और बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एक बार फिर से गंभीर चेतावनी जारी की है। नेपाल के National Disaster Risk Reduction and Management Authority (NDRRMA) ने 30 अगस्त 2026 को देश के कई हिस्सों में तत्काल प्रभाव से हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। यह कदम भूटकोशी नदी के जलस्तर में अचानक हुई भारी वृद्धि और पानी के तेज बहाव को देखते हुए उठाया गया है। तिब्बत की सीमा के पास एक बांध टूटने की रिपोर्ट सामने आने के बाद से ही प्रशासन लगातार सतर्कता बरत रहा है और नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
भूटकोशी नदी का बढ़ा जलस्तर और प्रभावित इलाके
अधिकारियों के अनुसार, 28 अगस्त 2026 से ही लगातार चेतावनी जारी की जा रही थी, जो अब और अधिक गंभीर हो गई है। रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों के नदी किनारे बसे गांवों और बस्तियों के लोगों को कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। नुवाकोट और धाडिंग के स्थानीय प्रशासनिक विभागों और आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह से हाई-अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी अनहोनी से तुरंत निपटा जा सके। Department of Hydrology and Meteorology लगातार भूटकोशी, त्रिशूल और नारायणी नदियों के जलप्रवाह पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
भीषण बाढ़ से अब तक हुआ भारी नुकसान
यह स्थिति उन विनाशकारी फ्लैश फ्लड यानी अचानक आई बाढ़ के बाद बनी है, जिसने सबसे पहले 26 अगस्त 2026 को इस क्षेत्र को अपनी चपेट में लिया था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 675 तक पहुंच गई है। राहत और बचाव कार्य में जुटे दलों ने निचले इलाकों से कई शव बरामद किए हैं। 29 अगस्त 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक, इस आपदा में कुल 2,301 लोग घायल हुए या जिन्हें सुरक्षित बचाया गया, जिनमें 261 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इसके अलावा अभी भी 320 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है।
प्रशासन की अपील और यातायात पर पाबंदियां
बढ़ते खतरे को देखते हुए एनडीआरएमए और नेपाल पुलिस ने रसुवा, धाडिंग, नुवाकोट, गोरखा, चितवन और तनहुन जिलों के परिवारों से अपील की है कि वे तुरंत सुरक्षित जगहों पर चले जाएं। किसी भी मदद के लिए आपातकालीन टोल-फ्री नंबर 100, 1234 और 1114 पर संपर्क करने को कहा गया है। आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पृथ्वी हाईवे, गल्छी-नुवाकोट-रसुवा-स्याफ्रुबेसी सड़क और मुग्लीन-नारायणगढ़ सड़क पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। नेपाल-चीन सीमा के पास और बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में सुरक्षा बलों ने यातायात पूरी तरह से बंद कर दिया है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं।