नेपाल सुरंग हादसा: अंदर फंसे लोगों को बचाने के लिए भारत के एक्सपर्ट्स ने शुरू की ब्लास्टिंग की तैयारी.

नेपाल के नुवाकोट जिले में स्थित माथिल्लो त्रिशूली-3 'ए' जलविद्युत परियोजना की सुरंग के अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अब प्रशासन ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इस बचाव अभियान को तेज करने के लिए भारत से विशेष रूप से आए एक्सपर्ट्स ने नेपाली सेना के इंजीनियरों के साथ मिलकर सुरंग के भीतर ब्लास्टिंग करने की पूरी तैयारी कर ली है ताकि अंदर फंसे तक तेजी से पहुंचा जा सके। यह घटना पिछले कुछ दिनों से चर्चा का विषय बनी हुई है और स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ बचाव दल भी लगातार राहत कार्यों में जुटा हुआ है ताकि किसी भी तरह से अंदर फंसे लोगों की जान बचाई जा सके।
सुरंग के भीतर बचाव दल का ऑपरेशन
घटना स्थल पर इस समय भारी संख्या में सुरक्षा बल और राहत कर्मी तैनात किए गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, बचाव स्थल पर नेपाली सेना के 66 जवान, प्रशिक्षित कुत्तों के साथ विशेष खोज एवं बचाव दल, सशस्त्र पुलिस बल के 18 जवान और नेपाल पुलिस के 6 जवान समेत कुल 90 लोगों की संयुक्त टीम दिन-रात काम कर रही है। यह पूरी टीम स्थानीय समयानुसार दोपहर 2 बजे सुरंग के मुख्य हिस्से जिसे क्राउन हेड कहा जाता है, वहां तक सफलतापूर्वक पहुंच गई थी। वहां पहुंचने के बाद टीम ने सुरंग में 2×3 फीट का छेद तैयार किया ताकि अंदर ऑक्सीजन और अन्य जरूरी चीजें पहुंचाई जा सकें और लोगों को निकाला जा सके।
रस्सी के सहारे अंदर उतरी टीम
सुरंग के मुख्य हिस्से में छेद बनाने के बाद बचाव दल के सदस्य रस्सी की मदद से नीचे उतरे और अंदर फंसे लोगों को कई बार आवाज लगाई। हालांकि, शुरुआती कोशिशों के दौरान अंदर से किसी भी तरह की प्रतिक्रिया या आवाज नहीं आई, जिससे चिंता थोड़ी बढ़ गई है। इसके बावजूद बचाव दल के हौसले कम नहीं हुए हैं और वे लगातार आगे की रणनीति पर काम कर रहे हैं। इस अभियान को और अधिक आसान तथा तेज बनाने के लिए अब बड़े-बड़े उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही बनाए गए छेद को चौड़ा करने और ब्लास्टिंग करने का काम एक साथ तेजी से जारी है।
कठिन और जोखिम भरी परिस्थितियां
सुरंग के अंदर का माहौल बेहद कठिन और जान जोखिम में डालने वाला है। इसके बावजूद बचाव दल के सभी सदस्य बिना रुके चौबीसों घंटे लगातार इस बड़े अभियान में जुटे हुए हैं। भारत से आए विशेषज्ञों और नेपाली सेना के इंजीनियरों का यह संयुक्त प्रयास इस बात की ओर इशारा करता है कि स्थिति कितनी गंभीर है। स्थानीय प्रशासन लगातार इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है ताकि जल्द से जल्द कोई सकारात्मक परिणाम सामने आ सके और अंदर फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी हिन्दुस्थान समाचार के पत्रकार पंकज दास द्वारा साझा की गई है।