नेपाल में विरोध प्रदर्शन का एक साल पूरा, भ्रष्टाचार के खिलाफ अधूरे वादों के बीच बाढ़ ने मचाई तबाही.

Praggya Singh sabal8 September 20263 min read19 viewsWorld
नेपाल में विरोध प्रदर्शन का एक साल पूरा, भ्रष्टाचार के खिलाफ अधूरे वादों के बीच बाढ़ ने मचाई तबाही.

8 सितंबर 2026 को नेपाल के युवा-नेतृत्व वाले भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की शुरुआत को एक साल पूरा हो गया है। सरकार द्वारा 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने के कारण शुरू हुए इन विरोध प्रदर्शनों में 76 लोगों की मौत हो गई थी और 2,600 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस जनआंदोलन के चलते तत्कालीन प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा था और पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार का गठन किया गया था। बाद में 10 दिसंबर 2025 को हुए एक समझौते के तहत शहीदों को मान्यता, मुआवजा और भ्रष्टाचार विरोधी आयोग बनाने का वादा किया गया था, लेकिन मार्च 2026 में सत्ता में आए प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह के कार्यकाल में भी आलोचकों का कहना है कि सुधार की गति अभी भी धीमी है और वादे अधूरे हैं।

जेन ज़ी शहीद दिवस और अधूरे वादे

सरकार ने नवंबर 2025 में 45 व्यक्तियों को आधिकारिक रूप से शहीद के रूप में मान्यता दी थी, जिसके बाद आज देश में पहला 'जेन ज़ी शहीद दिवस' मनाया गया। हालांकि, इन वार्षिकोत्सवों के बावजूद जमीन पर कई वादे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। सरकार ने अप्रैल 2026 में दूसरा राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी रणनीतिक योजना (2025/26-2030/31) जारी की थी, लेकिन 'जेन ज़ी काउंसिल' का गठन अब तक नहीं किया गया है। इसके अलावा, आंदोलन के दौरान घायल हुए कई प्रदर्शनकारी आज भी अपनी आजीविका और चिकित्सा सहायता के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिसकी जानकारी नेपाल के विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट mofa.gov.np पर दी गई दैनिक अपडेट रिपोर्ट में साझा की गई है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

भयानक प्राकृतिक आपदा और बाढ़ का प्रकोप

राजनीतिक और सामाजिक चुनौतियों के बीच नेपाल इस समय एक भीषण प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है। गत 26 अगस्त 2026 को लांगटांग लिरुंग चोटी पर आंशिक ग्लेशियर टूटने के कारण आई अचानक बाढ़ ने त्रिशूल नदी के 72 किलोमीटर के हिस्से को पूरी तरह तबाह कर दिया। इस तबाही ने रासुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन के साथ-साथ तिब्बत के ग्यारोंग काइन को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस आपदा में मरने वालों की कुल संख्या 1,385 हो गई है और 5,519 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। अकेले नेपाल में इस आपदा से 1,355 मौतें और 4,996 लोग लापता होने की पुष्टि हुई है, जबकि देश के करीब 16 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं।

भारी बुनियादी ढांचे का नुकसान और राहत कार्य

प्राकृतिक आपदा के कारण हुए बुनियादी ढांचे के नुकसान का अनुमान 2.57 अरब डॉलर से अधिक लगाया गया है। इस विनाशकारी बाढ़ में करीब 7,500 घर, 41 पुल, 55 किलोमीटर सड़कें और 12 पनबिजली परियोजनाएं पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सेना और पुलिस के साथ-साथ भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की अंतरराष्ट्रीय बचाव टीमें भी राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र ने 84,270 ऐसे लोगों की मदद के लिए एक 4.96 करोड़ डॉलर की आपातकालीन अपील शुरू की है, जिन्हें इस समय सबसे ज्यादा सहायता की आवश्यकता है।

Share:

Comments

Leave a comment