नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह का संदेश, विपत्ति और चुनौतियां इंसान के धैर्य की लेती हैं परीक्षा.

काठमांडू में 04 सितंबर को नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने देश के नाम एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया है। उन्होंने देशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर अपनी तरफ से शुभकामनाएं दी हैं और साथ ही यह भी बताया है कि जीवन में आने वाली मुश्किलें किस तरह इंसान की असली परीक्षा लेती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भी देश या समाज पर कोई विपत्ति आती है, तो वह मनुष्य के धैर्य और उसके कर्म की सही जांच करती है। ऐसे समय में घबराने के बजाय अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाना ही असली कर्मयोग है, जो हमें भगवान श्रीकृष्ण ने सिखाया है।
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज के जरिए यह शुभकामना संदेश साझा किया है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि विपत्ति और चुनौतियां जीवन का हिस्सा बनकर आती हैं, जो हमारे भीतर के धैर्य और कर्म के सामर्थ्य को परखती हैं। ऐसे कठिन समय में अपनी भूमिका से पीछे हटने के बजाय पूरी निष्ठा के साथ डटे रहना ही भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया सबसे बड़ा ज्ञान है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर नागरिक को अपने हिस्से का कर्तव्य बिना किसी डर के निभाना चाहिए, क्योंकि यही समय की सबसे बड़ी मांग होती है।
प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है नेपाल
प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे संवेदनशील समय में सामने आया है, जब पूरा नेपाल इन दिनों प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव से जूझ रहा है। देश के कई हिस्सों में आपदा के कारण हालात मुश्किल बने हुए हैं और सरकार की तरफ से लगातार राहत एवं बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। ऐसे संकटपूर्ण माहौल में प्रधानमंत्री का यह बयान आम जनता को हिम्मत बंधाने का काम कर रहा है। उन्होंने अपनी शुभकामनाओं के साथ यह भी कामना की कि इस पावन पर्व पर देश के सभी नागरिकों को अपने कर्तव्य पथ पर पूरी तरह अडिग रहने के लिए आवश्यक धैर्य और आंतरिक शक्ति प्राप्त हो, ताकि मिलकर इन बाधाओं को पार किया जा सके। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप हिन्दुस्थान समाचार की रिपोर्ट देख सकते हैं जहाँ पत्रकार पंकज दास ने इस खबर को कवर किया है।