नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, राहत कार्यों का लिया जायजा.

नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने हाल ही में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित इलाकों का खुद दौरा किया। उन्होंने नुवाकोट जिले के विभिन्न हिस्सों में पहुंचकर जमीनी हकीकत का जायजा लिया और हालात की पूरी जानकारी ली। इस दौरान प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें आपदा से हुए नुकसान और वहां चलाए जा रहे बचाव कार्यों के बारे में विस्तार से बताया। सरकार की तरफ से लगातार यह कोशिश की जा रही है कि प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जा सके और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखा जा सके।
जिला प्रशासन ने दी राहत कार्यों की पूरी जानकारी
दौरे के दौरान जिला आपदा प्रबंधन समिति ने राष्ट्रपति पौडेल के सामने राहत और बचाव कार्यों का पूरा ब्योरा रखा। मुख्य जिला अधिकारी शम्भु प्रसाद रेग्मी और समिति के अन्य अधिकारियों ने राष्ट्रपति को बताया कि किस तरह से आपदा के बाद से ही लगातार खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने बाढ़ से हुई भारी जन-धन की क्षति के बारे में भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्रभावित समुदायों को फिर से बसाने के लिए पुनर्वास का काम तेजी से चल रहा है और लोगों को खाने-पीने की जरूरी चीजें बांटी जा रही हैं ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
राहत कैंप में जाकर पीड़ितों से मिले राष्ट्रपति
अपनी इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति पौडेल ने विदुर नगरपालिका-2 स्थित कवर हॉल में बनाए गए होल्डिंग सेंटर का विशेष रूप से निरीक्षण किया। इस राहत केंद्र में रसुवा और नुवाकोट जिलों के वे तमाम बाढ़ पीड़ित लोग शरण लिए हुए हैं जिनका घर-बार इस आपदा में उजड़ गया है। राष्ट्रपति ने वहां मौजूद आम लोगों से आमने-सामने बैठकर बातचीत की और उनका हालचाल जाना। पीड़ित परिवारों ने राष्ट्रपति को अपनी तकलीफों के बारे में बताया कि कैसे भोटेकोशी बाढ़ ने सब कुछ तबाह कर दिया।
प्रभावित लोगों ने सरकार से लगाई मदद की गुहार
राहत शिविर में शरण लिए हुए लोगों ने राष्ट्रपति से गुहार लगाई कि सरकार और संबंधित राहत एजेंसियां खोज, बचाव और पुनर्वास के कामों में और ज्यादा तेजी लाएं। लोगों का कहना था कि इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से भविष्य में निपटने के लिए अभी से देश में और मजबूत तैयारियां करने की जरूरत है ताकि आने वाले समय में नुकसान को कम किया जा सके। राष्ट्रपति ने लोगों की बातों को ध्यान से सुना और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इस पूरे दौरे का मुख्य उद्देश्य यह देखना था कि सरकारी मदद जमीन पर लोगों तक सही तरीके से पहुंच रही है या नहीं।