नेपाल में भारी बाढ़ और कटान से पृथ्वी राजमार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त, यात्रा करने से पहले जान लें नए वैकल्पिक रास्ते.

Sushma Kumari4 September 20263 min read35 viewsWorld
नेपाल में भारी बाढ़ और कटान से पृथ्वी राजमार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त, यात्रा करने से पहले जान लें नए वैकल्पिक रास्ते.

नेपाल में प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर से जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। रसुवा जिले में हाल ही में आई भयंकर बाढ़ के बाद त्रिशूली नदी के तेज पानी ने नेपाल की राजधानी काठमांडू को देश के पश्चिमी हिस्से से जोड़ने वाले बेहद अहम पृथ्वी राजमार्ग को जगह-जगह से काट दिया है। नदी के इस खतरनाक कटाव की वजह से सड़क कई स्थानों पर या तो पूरी तरह से धंस चुकी है या फिर वहां भारी भूस्खलन हुआ है, जिससे आम लोगों की आवाजाही पर बहुत बुरा असर पड़ा है और कई जगहों पर रास्ते पूरी तरह से बंद हो चुके हैं।

सड़क परियोजनाओं के अधिकारियों की चेतावनी और जमीनी हालात

इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए नागढुंगा-मुग्लिन सड़क परियोजना के पूर्वी खंड के जिम्मेदार इंजीनियर राजीव मानन्धर ने मीडिया को बताया कि हालात काफी गंभीर बने हुए हैं। उनके मुताबिक, मलेखु से ठीक पहले कृष्णभीर इलाके में बाढ़ के पानी ने करीब 120 मीटर लंबी सड़क को पूरी तरह से काट दिया है, जिसके बाद वहां बड़ा भूस्खलन हुआ और पूरी सड़क नीचे धंस गई। इसके अलावा, मलेखु से काठमांडू की तरफ करीब एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित परेवाभीर नाम की जगह पर भी लगभग 100 मीटर सड़क नदी के कटान की चपेट में आकर बुरी तरह बर्बाद हो गई है। अधिकारियों के अनुसार इन इलाकों में हालात इतने खराब हैं कि गाड़ियों का निकलना नामुमकिन हो गया है।

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यातायात पर असर और वैकल्पिक मार्गों की सूची

सड़क के कई हिस्सों के क्षतिग्रस्त होने की वजह से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छहरे-चालिसे इलाके में लगभग 40 मीटर सड़क कट जाने के कारण फिलहाल वहां किसी तरह केवल एकतरफा यातायात ही संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही, नागढुंगा चेकपोस्ट से करीब 500 मीटर की दूरी पर भी लगभग 80 मीटर हिस्से पर भारी भूस्खलन दर्ज किया गया है, जिसके चलते वहां भी सिर्फ एक ही लेन से गाड़ियों को निकाला जा रहा है। इन तमाम खतरों को देखते हुए सड़क विभाग ने यात्रियों और खासकर मालवाहक गाड़ियों के ड्राइवरों को सलाह दी है कि वे जोखिम भरे रास्तों पर जाने से बचें और तय किए गए वैकल्पिक मार्गों का ही इस्तेमाल करें ताकि किसी भी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।

सड़क विभाग की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, बड़े मालवाहक वाहनों के संचालन के लिए बीपी राजमार्ग, कान्ति लोकपथ और त्रिभुवन राजपथ को वैकल्पिक रास्तों के रूप में चुना गया है। इसके अलावा, जो छोटे वाहन हेटौँडा और फर्पिङ के रास्ते होते हुए काठमांडू की तरफ आना चाहते हैं, उनके लिए भी प्रशासन ने अलग से वैकल्पिक मार्ग तय कर दिए हैं ताकि ट्रैफिक जाम और फंसे हुए लोगों की समस्या को कुछ हद तक कम किया जा सके।

फंसे हुए यात्रियों के लिए राहत और मरम्मत का काम

दूसरी तरफ, फिस्लिङ क्षेत्र में रास्ते में फंसे हुए यात्रियों की मदद के लिए भी प्रशासन ने इंतजाम किए हैं। ऐसे यात्री ज्यामिरेघाट पुल को पार करते हुए गोरखा के सिउरेनीटार-घ्याल्चोक से होते हुए बेनीघाट पुल तक पहुंचने वाले वैकल्पिक रास्ते का आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साथ ही, परेवाटार इलाके में टूटी हुई सड़क की मरम्मत का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है और काम खत्म होने के बाद वहां 12 चक्के तक के भारी मालवाहक वाहनों को दोबारा चलाने की पूरी तैयारी की जा रही है, ताकि व्यापार और जरूरी चीजों की आवाजाही फिर से सामान्य हो सके। इस पूरी स्थिति की विस्तृत जानकारी हिन्दुस्थान समाचार के माध्यम से सामने आई है, जिसमें पत्रकार पंकज दास ने रिपोर्टिंग की है।

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