नेपाल में बाढ़ का कहर, रसुवा जिले से 113 भारतीयों समेत 163 विदेशी नागरिकों का हुआ सुरक्षित रेस्क्यू.

Nura Basta29 August 20263 min read15 viewsWorld
नेपाल में बाढ़ का कहर, रसुवा जिले से 113 भारतीयों समेत 163 विदेशी नागरिकों का हुआ सुरक्षित रेस्क्यू.

नेपाल के रसुवा जिले में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है, लेकिन वहां पर प्रशासन और सेना की तरफ से युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है। बाढ़ के पानी और मलबे के बीच फंसे लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है, जिसमें अब तक हजारों लोगों की जान बचाई जा चुकी है। इस भयानक आपदा के बीच नेपाल से एक राहत भरी खबर सामने आई है जहां भारतीय नागरिकों को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

नेपाली सेना का बड़ा अभियान और एयरलिफ्ट

नेपाली सेना के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, आज सुबह 9 बजे तक बाढ़ प्रभावित प्रमुख क्षेत्रों जैसे टिमुरे, स्याफ्रुवेशी, धुन्चे और मैलुंग से सेना के हेलिकॉप्टरों और अन्य हवाई साधनों के जरिए कुल 163 विदेशी नागरिकों को सफलतापूर्वक एयरलिफ्ट किया गया है। इन बचाए गए विदेशी नागरिकों में सबसे बड़ी संख्या भारतीयों की है। सेना द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बचाए गए लोगों में 113 भारतीय नागरिक, 4 जर्मन नागरिक, 26 चीनी नागरिक, 2 अमेरिकी नागरिक, 2 इटालियन नागरिक, 15 दक्षिण कोरियाई नागरिक और एक ओमानी नागरिक शामिल हैं। इन सभी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है जहां इन्हें जरूरी सहायता दी जा रही है।

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अब तक कुल 2,465 लोगों का हुआ उद्धार

नेपाली सेना ने बताया है कि इस आपदा के शुरू होने से लेकर अब तक कुल 2,465 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। इनमें से अधिकांश लोगों यानी 2,265 लोगों को हवाई मार्ग के जरिए निकाला गया है। इस संख्या में त्रिशूली-3ए टनल क्षेत्र से निकाले गए 191 लोग भी शामिल हैं। इसके अलावा करीब 200 लोगों को स्थल मार्ग यानी जमीन के रास्ते से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। इस तरह से प्रशासन हर संभव कोशिश कर रहा है कि एक-एक नागरिक को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके और उन्हें किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचाया जा सके।

घायलों के लिए आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं

बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य देखभाल के लिए नेपाली सेना ने त्रिशूली और धुन्चे में विशेष आपातकालीन उपचार केंद्र स्थापित किए हैं। सेना के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, इन चिकित्सा शिविरों के माध्यम से अब तक कुल 1,706 लोगों को जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं और दवाइयां उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। बाढ़ के पानी के कारण कई लोग बीमार हुए हैं या उन्हें चोटें आई हैं, जिनका समय पर इलाज किया जा रहा है।

राहत सामग्री वितरण और सुरक्षा बलों की तैनाती

प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने का काम भी बहुत तेजी से किया जा रहा है। राजधानी काठमांडू से राहत सामग्री को सड़क मार्ग के जरिए पहले त्रिशूली पहुंचाया जा रहा है और वहां से फिर हेलिकॉप्टरों व अन्य हवाई साधनों की मदद से इसे सीधे बाढ़ प्रभावित इलाकों तक भेजा जा रहा है। अब तक कुल 3,600 किलो राहत सामग्री त्रिशूली-3ए टनल क्षेत्र में, 500 किलो मैलुंग में और 220 किलो राहत सामग्री बेत्रावती तक पहुंचाई जा चुकी है। प्रभावित जिलों में स्थिति को संभालने के लिए नेपाली सेना के 6,700 से अधिक जवान दिन-रात राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। इसके अलावा त्रिशूली-3ए टनल क्षेत्र में नेपाली सेना के 84 जवानों के साथ सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के कुल 146 सदस्य मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षा एजेंसियां आपसी तालमेल के साथ लापता लोगों की तलाश और राहत वितरण का काम कर रही हैं।

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