नेपाल त्रासदी में अब तक मिले 987 शव, पहचान न होने पर 581 शवों को किया गया दफन.

नेपाल में हाल ही में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, लेकिन इस तबाही ने ऐसा मंज़र पैदा किया है जो दिल दहलाने वाला है। देश के विभिन्न हिस्सों से अब तक कुल 987 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, और मृतकों की इतनी बड़ी संख्या ने प्रशासन के सामने एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। कई शव ऐसी हालत में मिले हैं कि उनकी पहचान करना पूरी तरह असंभव हो गया है, जिसके चलते मजबूरी में उन्हें जमीन में दफन करना पड़ रहा है।
अलग-अलग जिलों से बरामद हुए शव और पहचान की चुनौती
स्थानीय पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह तक खोज अभियान के दौरान कुल 987 शवों को निकाला गया है। इस आपदा में सबसे ज्यादा मार झेलने वाले जिलों में चितवन सबसे आगे है, जहां मानवीय अंगों सहित कुल 321 शव बरामद किए गए हैं। इन शवों की हालत इतनी खराब है कि इनकी शिनाख्त करना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। इसके अलावा, अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी भारी नुकसान हुआ है।
पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, आपदा प्रभावित अन्य जिलों में बरामद शवों का विवरण इस प्रकार है:
- रसुवा में 27 शव
- नुवाकोट में 95 शव
- धादिङ में 55 शव
- गोरखा में 65 शव
- तनहुँ में 38 शव
- नवलपरासी पूर्व में 216 शव
- नवलपरासी पश्चिम में 170 शव
अज्ञात शवों को दफनाने की मजबूरी
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय तक पहचान न हो पाने और शवों के खराब होने की आशंका के चलते अब तक कुल 581 अज्ञात शवों को जमीन में दफन किया जा चुका है। चितवन, नवलपरासी, नुवाकोट और कास्की सहित कई जिलों में इन शवों को दफनाया गया है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दफन किए गए शवों में से 262 शवों के बारे में यह भी पता नहीं चल सका है कि वे पुरुष के हैं या महिला के।
अब तक की गणना के अनुसार, बरामद किए गए शवों में 121 शव पुरुषों के और 198 शव महिलाओं के होने की पुष्टि हुई है। अकेले चितवन जिले में सबसे अधिक 280 शवों को जमीन में दफन किया गया है। चितवन में मिले कुल 321 शवों में से केवल 12 लोगों की ही पहचान हो सकी, जिन्हें उनके परिवारों के हवाले कर दिया गया। चितवन पुलिस ने स्पष्ट किया कि जिन बाकी शवों की पहचान नहीं हो पा रही है, उन्हें नियमानुसार दफनाया जा रहा है। इसी तरह नवलपरासी पूर्व में 159 और कास्की में 78 अज्ञात शवों को दफन किया गया है। आपदा के तुरंत बाद पोखरा लाए गए शवों की भी पहचान नहीं हो पाई थी, जिसके बाद उन्हें दफनाने का कदम उठाया गया।
अस्पतालों में रखे गए हैं बाकी शव
प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अभी भी कई शव विभिन्न स्थानीय अस्पतालों के शवगृहों में सुरक्षित रखे गए हैं। इन शवों की पहचान स्थापित करने के लिए फॉरेंसिक और पुलिस विभाग लगातार कोशिशें कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि तय समय सीमा के भीतर इन शवों के परिजनों का पता नहीं चल पाता है और उनकी शिनाख्त नहीं हो पाती है, तो उन्हें भी प्रशासन के नियमों के तहत आगे जमीन में दफन कर दिया जाएगा। इस पूरी त्रासदी ने नेपाल के आम जनजीवन को झकझोर कर रख दिया है और राहत एजेंसियां हरसंभव तरीके से स्थिति को संभालने में जुटी हुई हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी आप हिन्दुस्थान समाचार पर देख सकते हैं।