Nepal Flood: नेपाल की त्रिशूली सुरंग में फंसे 100 लोग, सेना का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी.

Aanya28 August 20263 min read26 viewsWorld
Nepal Flood: नेपाल की त्रिशूली सुरंग में फंसे 100 लोग, सेना का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी.

नेपाल में हाल ही में आए भयानक बाढ़ और बारिश के बाद हालात बहुत गंभीर बने हुए हैं। बुधवार को आए इस प्राकृतिक प्रकोप के कारण देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मची है और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस बीच, नेपाल की Trishuli 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की एक सुरंग के अंदर लगभग 100 लोग फंसे हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सेना और प्रशासन द्वारा एक बड़ा और कठिन बचाव अभियान चलाया जा रहा है। सरकार और राहत एजेंसियां हर मुमकिन कोशिश कर रही हैं कि जल्द से जल्द सभी फंसे हुए लोगों तक पहुंचा जा सके।

कठिन परिस्थितियों में चल रहा है बचाव अभियान

नेपाल आर्मी के प्रवक्ता राजाराम बसनेत ने जानकारी दी है कि शुक्रवार की सुबह सेना के हेलीकॉप्टर की मदद से सुरंग से 4 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इन सभी को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया है कि राहत टीमें बहुत ही मुश्किल हालात का सामना करते हुए सुरंग के अंदर फंसे बाकी लोगों तक पहुंचने की लगातार कोशिश कर रही हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देश के कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी अनहोनी से निपटा जा सके और प्रभावितों तक समय पर मदद पहुंचाई जा सके।

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बड़े पैमाने पर सैनिकों की तैनाती और एयरलिफ्ट

क्षेत्र में स्थिति को संभालने और राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए Rasuwa, Nuwakot और Dhading जिलों में 4,500 से ज्यादा सैनिकों को तैनात किया गया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अब तक कुल 900 लोगों को हवा के जरिए बचाया जा चुका है, जिसमें से 724 लोगों को सेना के हेलीकॉप्टरों और 176 लोगों को अन्य माध्यमों से सुरक्षित निकाला गया है। इसके अलावा 200 लोगों को जमीन के रास्ते भी बचाया गया है। इस पूरे मिशन के लिए नेपाल सेना के 6 और निजी क्षेत्र के 9 हेलीकॉप्टरों को पूरी तरह से लगाया गया है, ताकि राहत कार्य में कोई रुकावट न आए।

बढ़ता हुआ नुकसान और राहत सामग्री का वितरण

इस आपदा की वजह से पूरे देश में मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है, जबकि 1,300 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में नेपाल पुलिस, नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल, सीमा शुल्क अधिकारी, 517 विदेशी नागरिक और विदेशों में रहने वाले 127 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी यानी NDRRMA ने अपनी छठी रिपोर्ट में बताया है कि रासुवा जिले में भूटे कोशी बाढ़ के बाद अब तक 472 शवों को बरामद किया जा चुका है। घायलों के इलाज के लिए त्रिशूली में 583 और धुंचे में 562 मरीजों का इलाज किया गया है, यानी कुल 1,145 लोगों को चिकित्सा सहायता दी गई है। त्रिशूली में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए 20 ट्रकों का इस्तेमाल किया जा रहा है और रासुवा के दूरदराज इलाकों में हेलीकॉप्टर से सामान भेजा जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सरकारी निर्देश

इस संकट की घड़ी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मदद मिल रही है। भारत के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि त्रिशूली-आई प्रोजेक्ट के 63 श्रमिकों समेत कुल 84 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय प्रमुख टॉम फ्लेचर ने चिकित्सा देखभाल, आश्रय और पानी की आपूर्ति के लिए सेंट्रल इमरजेंसी रिस्पांस फंड से 2 मिलियन डॉलर जारी करने की मंजूरी दे दी है। ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्री विराज भक्त श्रेष्ठ ने तेजी से बचाव कार्य करने और बिजली सेवाओं को बहाल करने के निर्देश दिए हैं। नेपाल बिजली प्राधिकरण के कार्यवाहक प्रबंध निदेशक दीर्घायु कुमार श्रेष्ठ के नेतृत्व में एक टीम इस पूरे राहत अभियान का समन्वय कर रही है। प्रधानमंत्री बालें शाह ने भी स्पष्ट किया है कि मलबे से बने झील के कारण संभावित बाढ़ के खतरे के बावजूद सरकार पूरी क्षमता के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप Gulfhindi.com पर विजिट कर सकते हैं।

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