Qatar में रहने वाले नेपालियों में मची खलबली, घर में आई भीषण बाढ़ से परिवार की सुरक्षा को लेकर परेशान.

कतर में रहने वाले नेपाली समुदाय के लोगों की सांसे इन दिनों अटकी हुई हैं और वे अपने वतन में आए भयानक सैलाब को लेकर बेहद डरे हुए हैं। हजारों किलोमीटर दूर रेगिस्तान में बैठकर भी इन प्रवासियों का दिल अपने परिवार की खैरियत जानने के लिए हर पल बेचैन रहता है। वे लगातार फोन कॉल, वीडियो रिपोर्ट और सोशल मीडिया के जरिए नेपाल के हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि यह जान सकें कि उनके घर और जाने-पहचाने इलाके किस हाल में हैं। यह प्राकृतिक आपदा पिछले महीने के आखिर में शुरू हुई थी जब भोते कोशी नदी में भयंकर बाढ़ आई थी और इसने कई जिलों को अपनी चपेट में ले लिया था।
बाढ़ से प्रभावित इलाके और सरकारी आंकड़े
नेपाल सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा से रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं और प्रशासन के मुताबिक अब तक कुल 13,104 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें 300 से ज्यादा विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। बचाव टीमों ने मलबे और पानी से अब तक 1,341 शवों को बरामद किया है। अभी भी लगभग 5,000 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें 35 अलग-अलग देशों के 600 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। अकेले रसुवा भोते कोशी बाढ़ क्षेत्र में 4,088 लोग लापता हैं और वहां से 1,381 शव मिल चुके हैं। इस बारे में अधिक जानकारी आप MoFA Nepal Update पर देख सकते हैं।
प्रशासन और विदेशी टीमों का रेस्क्यू ऑपरेशन
लोगों की तलाश और राहत कामों की कमान नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी यानी NDRRMA के हाथों में है। उनका साथ नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवान पूरी ताकत से दे रहे हैं। स्थिति से निपटने के लिए भारत, चीन और दक्षिण कोरिया से आई विशेष टनल रेस्क्यू टीमें भी जमीन पर उतरी हुई हैं। प्रधानमंत्री बलेन्द्र शाह ने बताया कि इस समय कुल 9,287 नेपाली सेना, 7,975 नेपाल पुलिस और 4,203 सशस्त्र पुलिस बल के जवान मैदान में डटे हुए हैं, हालांकि इस दौरान 82 सुरक्षाकर्मी भी लापता हुए हैं। विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री चो ह्यून से मुलाकात करके लापता कोरियाई नागरिकों की तलाश के लिए आपसी तालमेल को मजबूत किया है।
कतर की तरफ से मिली मानवीय मदद
कतर में बैठे लोगों के लिए राहत की बात यह है कि यहां की सरकार और संगठनों ने नेपाल के पीड़ित परिवारों की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं। कतर फंड फॉर डेवलपमेंट ने कतर की सशस्त्र सेना के साथ मिलकर बाढ़ पीड़ितों के लिए पानी निकालने के पंप, ड्रेनेज उपकरण, खाने-पीने का सामान और तिरपाल जैसी राहत सामग्रियां भेजी हैं, जिससे करीब 52,000 लोगों को फायदा मिला। इसके अलावा कतर चैरिटी ने त्रिशूली नदी के किनारे रहने वाले परिवारों के बीच 30 मीट्रिक टन जरूरी सामान बांटा। कतर के स्थानीय संगठनों और होटलों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कतर रेड क्रिसेंट के जरिए कपड़े व अन्य जरूरी चीजें जरूरतमंदों तक पहुंचाईं। इस सहायता के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए आप ReliefWeb Nepal Report पर जा सकते हैं।