बेंजामिन नेतन्याहू ने मजबूत दक्षिणपंथी सरकार बनाने के लिए यहूदी समूहों से एकजुट होने की अपील की
इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने यहूदियों से एकजुट होकर दक्षिणपंथी सरकार बनाने को कहा और अरब पार्टियों के साथ गठबंधन का विरोध किया।

यरूशलेम (इजरायल): इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को यहूदियों और यहूदी राज्य का समर्थन करने वालों से एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि दक्षिणपंथी गुट के पास निर्णायक बहुमत है और अब एक मजबूत राष्ट्रीय दक्षिणपंथी सरकार बनाने की जरूरत है।
नेतन्याहू ने उन अरब पार्टियों के साथ सरकार बनाने का कड़ा विरोध किया जिन्हें उन्होंने यहूदी विरोधी बताया। उनका आरोप है कि इनमें से कुछ पार्टियां हमास का समर्थन करती हैं और इजरायली सैनिकों को हत्यारा और युद्ध अपराधी कहती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी पार्टियों के सहारे सरकार बनाना इजरायल के लिए खतरनाक होगा और यह पूरी तरह वर्जित है।
प्रधानमंत्री ने उन राजनेताओं और मीडिया commentators की भी आलोचना की जो इस तरह के गठबंधन की बात कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि न्यूज़ चैनलों पर उन पार्टियों के साथ सहयोग को सामान्य और जायज ठहराया जा रहा है जो इजरायल के अस्तित्व के खिलाफ हैं और उसके दुश्मनों का साथ देती हैं। उन्होंने विशेष रूप से इस्लामिक मूवमेंट, जॉइंट लिस्ट और बलाद जैसी पार्टियों के साथ किसी भी गठबंधन को खारिज कर दिया।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब नेसेट (इजरायल की संसद) के लिए चुनावी मुकाबला काफी कड़ा हो गया है और पोलिंग के आंकड़े लगातार बदल रहे हैं। 'डायरेक्ट पोल्स' के मुताबिक नेतन्याहू गुट को 55, गादी आइजनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गुट को 49 और अरब पार्टियों को 16 सीटें मिल सकती हैं। वहीं सरकारी चैनल 'कान 11' के एग्जिट पोल में नेतन्याहू और विरोधी दोनों गुटों को 51-51 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।
एक अन्य एजेंसी 'फिल्बर' के आंकड़ों के अनुसार नेतन्याहू गुट को 60, विपक्ष को 43 और अरब पार्टियों को 17 सीटें मिल सकती हैं। सीटों के ताजा अनुमान में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी 25 से बढ़कर 27 सीटों पर पहुंच गई है, जबकि वामपंथी गठबंधन 'द डेमोक्रेट्स' की सीटें 10 से घटकर 9 हो गई हैं।
राअम पार्टी के अध्यक्ष मंसूर अब्बास ने बताया कि वह नेतन्याहू और विरोधी दोनों गुटों के प्रतिनिधियों के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी भी गुट के पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है। अब्बास ने गादी आइजनकोट के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने की संभावना जताई, लेकिन कहा कि इसकी व्यवहारिकता पहले देखनी होगी।
सेंट्रल इलेक्शन कमेटी द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक इस बार मतदान का प्रतिशत ऐतिहासिक रहा और कुल 77.7 प्रतिशत वोट पड़े, जो पिछली बार के 70.6 प्रतिशत से अधिक है।