West Bank Violence: इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वेस्ट बैंक में हुई हिंसा की कड़ी निंदा की.

Sushma Kumari30 August 20263 min read19 viewsWorld
West Bank Violence: इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वेस्ट बैंक में हुई हिंसा की कड़ी निंदा की.

इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने शनिवार 29 अगस्त 2026 को वेस्ट बैंक के गांवों Qusra और Jalud में हुई हिंसक घटनाओं की कड़ी निंदा की है। प्रधानमंत्री ने इन घटनाओं को कुछ उपद्रवियों द्वारा किए गए आपराधिक कृत्य बताया और कहा कि ये लोग पूरे यहूदी बस्ती समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। इस मामले पर बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए।

वेस्ट बैंक के गांवों में हुई हिंसक झड़प

शनिवार को हुई इस हिंसा के दौरान दर्जनों नकाबपोश लोग गांवों में दाखिल हुए थे। Qusra के मेयर Abdel Azim Wadi ने जानकारी दी कि इस हमले में दो फिलिस्तीनी नागरिक आंसू गैस के गोले लगने से प्रभावित हुए जबकि दो अन्य लोग पत्थरों की चोट से घायल हो गए। इसके अलावा हिंसा के दौरान एक एनबीसी न्यूज क्रू और जलुद की एक फिलिस्तीनी महिला को भी निशाना बनाया गया। इस पूरी घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर तनाव का माहौल बना हुआ है और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

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सुरक्षा बलों और नेताओं की प्रतिक्रिया

घटना की गंभीरता को देखते हुए इसराइल रक्षा बल यानी IDF और बॉर्डर पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग किया। सुरक्षा बलों ने मौके से तीन ऐसे वाहनों को भी अपने कब्जे में लिया जिनका इस्तेमाल इस अशांति फैलाने के लिए किया गया था। हालांकि शनिवार की शाम तक इस हमले के सिलसिले में किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। देश के राष्ट्रपति Isaac Herzog ने इन हमलावरों को कानून तोड़ने वाला बताया और कहा कि इनके कृत्य इसराइल के चेहरे पर एक दाग की तरह हैं। इसके साथ ही इसराइली विदेश मंत्रालय ने भी इस हिंसा को एक अपमानजनक घटना करार दिया.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती चिंता

वेस्ट बैंक में लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाओं को लेकर दुनिया भर से प्रतिक्रिया सामने आ रही है। Yesha Council के चेयरमैन Yisrael Ganz ने भी सार्वजनिक रूप से इन घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि फिलिस्तीनियों या सुरक्षा बलों के खिलाफ हिंसा का कोई औचित्य नहीं बनता है। दूसरी ओर अमेरिकी राजदूत Mike Huckabee ने इस मामले में कड़ा बयान देते हुए इन बस्तियों के शामिल लोगों को आतंकवादी करार दिया। संयुक्त राष्ट्र की जून 2026 की एक रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई थी कि इसराइली अधिकारियों की मिलीभगत से ऐसे हमले होते रहे हैं जिनके कारण कई फिलिस्तीनियों की जान गई और वे बेघर हुए हैं.

चल रही हैं नई कार्यवाहियां

अगस्त के आखिरी दिनों में भी वेस्ट बैंक के लगभग एक दर्जन इलाकों में तनाव और गतिविधियां जारी हैं जिनमें Nablus, Ramallah, Masafer Yatta और Al-Mughayyir के इलाके शामिल हैं। इसके अलावा रविवार को सैन्य सुरक्षा के बीच सैकड़ों लोगों ने Awarta में धार्मिक स्थलों पर धावा बोला। साथ ही इसराइली सैनिकों ने Deir Ballut शहर में फिलिस्तीनी जमीनों को नष्ट करने का काम शुरू कर दिया। विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह सख्त रुख आगामी आम चुनावों से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहे दबाव और देश की छवि को बचाने की कोशिश का नतीजा है।

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