इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का बड़ा ऐलान, ईरान के नेतृत्व को हटाना बना अगला मुख्य मिशन.

इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 3 सितंबर 2026 को एक बड़ा बयान दिया और कहा कि ईरान की सरकार को गिराना इसराइल का अगला मुख्य मिशन है। उन्होंने यह भी कहा कि यह लक्ष्य अब उनकी पहुंच के अंदर है क्योंकि ईरान की सरकार पहले से बहुत ज्यादा कमजोर हो चुकी है और अपने वजूद के लिए संघर्ष कर रही है। प्रधानमंत्री ने साफ किया कि उनके निर्देश पर काम करने वाले सभी इसराइली सिस्टम इस सत्ता परिवर्तन को पूरा करने में लगे हुए हैं। इस बड़े ऐलान के बाद से मिडिल ईस्ट में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है और इसका असर गल्फ देशों में रहने वाले लोगों और आम नागरिकों पर भी साफ देखा जा रहा है।
रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ की कड़ी चेतावनी
इसराइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ ने इस बयान का समर्थन किया और ईरान को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान की तरफ से इसराइल पर कोई भी हमला किया जाता है, तो इसराइली सेना यानी IDF किसी भी तरह के प्रतिबंधों से बंधे नहीं रहेगी। उन्होंने धमकी दी कि ऐसे किसी भी हमले के जवाब में ईरान के सभी राष्ट्रीय, सैन्य और नागरिक ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र भी शामिल हैं। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि वे ईरान को वापस पत्थर युग में धकेल देंगे। यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि आने वाले दिनों में हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव
यह बढ़ता हुआ तनाव क्षेत्रीय स्तर पर एक बड़े संघर्ष की तरफ इशारा कर रहा है। अमेरिका ने इस हफ्ते ईरान के खिलाफ फिर से हमले शुरू कर दिए हैं और आर्थिक दबाव को भी बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है। अमेरिकी कार्रवाइयों की वजह से 13 ईरानी सैन्य कर्मियों की मौत हो गई है। इसके जवाब में ईरान ने गल्फ देशों में अमेरिका के सहयोगियों, जॉर्डन और इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र को निशाना बनाया है। इसके अलावा, ईरान के कट्टरपंथी मीडिया घरानों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और अरब गल्फ के अंदर अंतरराष्ट्रीय समुद्र के नीचे बिछी फाइबर-ऑप्टिक केबल्स को काटने की वकालत करना शुरू कर दिया है।
लेबनान और हिजबुल्लाह को लेकर चेतावनी
ईरान ने दक्षिणी लेबनान में एक पहाड़ी रिज पर संभावित इसराइली सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिका को एक कड़ा संदेश भेजा है। तेहरान ने साफ कर दिया है कि अगर उस क्षेत्र में कोई भी कार्रवाई होती है, तो वे इसका बहुत कड़ा जवाब देंगे, क्योंकि वहां के इलाकों में ईरानी सैन्य कर्मी हिजबुल्लाह के लड़ाकों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हालांकि अप्रैल महीने में हुए युद्धविराम के बाद से अमेरिकी प्रशासन और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच के रिश्ते थोड़े ठंडे बताए जा रहे थे, लेकिन हाल के दिनों में दोनों नेताओं ने ईरान और हमास से जुड़े सुरक्षा मुद्दों पर आपसी सहमति बना ली है और दोनों एक ही रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं।