UAE के राष्ट्रपति पर इसराइल में उठे सवाल, नेतन्याहू ने आरोपों को बताया झूठा और मनगढ़ंत

Praggya Singh sabal14 September 20263 min read23 viewsUAE
UAE के राष्ट्रपति पर इसराइल में उठे सवाल, नेतन्याहू ने आरोपों को बताया झूठा और मनगढ़ंत

इसराइल के अखबार Haaretz में छपी एक इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट ने राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 8 सितंबर 2026 को प्रकाशित एक लेख के अनुसार, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमलों से एक हफ्ता पहले ही एक बड़ी चेतावनी मिल चुकी थी। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से पूरे इलाके में राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है और इस पर तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। आम लोगों और जानकारों के बीच यह चर्चा का बड़ा विषय बन गया है कि क्या इतनी बड़ी घटना को टाला जा सकता था।

कहा जा रहा है कि MBZ ने दी थी चेतावनी

रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाली किताब 'Hostages: 843 Days of Abandonment' के मटेरियल का हवाला देते हुए कहा गया है कि UAE के राष्ट्रपति Mohammed bin Zayed (MBZ) ने सितंबर 2023 के आखिर में Benjamin Netanyahu को फोन किया था। इस कथित बातचीत में चेतावनी दी गई थी कि हमास का नेता Yahya Sinwar एक बहुत खतरनाक और डरावनी योजना बना रहा है जिससे पूरे क्षेत्र की स्थिति बिगड़ सकती है। इस दावे को साबित करने के लिए रिपोर्ट में दर्जनों सूत्रों, अंदरूनी दस्तावेजों और रिकॉर्डिंग का हवाला दिया गया है। हालांकि, इन दावों के सामने आने के बाद से इसराइली राजनीति में भूचाल आ गया है और हर तरफ इसी बात की चर्चा हो रही है।

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नेतन्याहू ने सभी आरोपों को नकारा और दी मानहानि की धमकी

इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इन रिपोर्ट्स को पूरी तरह से मनगढ़ंत, सरासर झूठ और दुर्भावनापूर्ण बताया है। उनके कार्यालय का कहना है कि नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल और उनके मिलिट्री सेक्रेटरी के रिकॉर्ड की जांच करने पर ऐसी किसी भी फोन कॉल या अमीराती प्रतिनिधि की यात्रा का कोई सबूत नहीं मिला है। प्रधानमंत्री Netanyahu ने अखबार Haaretz और पत्रकारों Shlomi Eldar, Ruth Yuval और Uri Misgav पर मानहानि का मुकदमा करने की धमकी दी है। उन्होंने इसके लिए माफी मांगने, खंडन छापने और कम से कम 2.5 million shekels यानी लगभग $800,000 USD हर्जाने की मांग की है। इसके अलावा, लिकुड पार्टी ने अखबार और विपक्ष के नेता Yair Golan पर विदेशी चुनाव में दखल देने का गंभीर आरोप लगाया है और आपराधिक जांच की मांग की है।

UAE और अन्य प्रतिक्रियाएं

इस मामले पर UAE Ministry of Foreign Affairs का कहना है कि वे नेताओं के बीच हुई बातचीत पर मीडिया में चल रही अटकलों पर कोई टिप्पणी नहीं करते हैं, लेकिन उन्होंने यह जरूर साफ किया कि सही माध्यमों के जरिए खुफिया संवाद अभी भी जारी है। द टाइम्स ऑफ़ इसराइल के अनुसार, एक अमीराती सूत्र ने भी इस बात की पुष्टि की है। वहीं दूसरी ओर, इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं Naftali Bennett, Gadi Eisenkot, Avigdor Lieberman और Yair Golan ने मिलकर एक साझा बयान जारी किया है। इन सभी नेताओं ने तुरंत एक स्टेट कमीशन ऑफ इन्क्वायरी बिठाने की मांग की है। Naftali Bennett ने चेतावनियों को नजरअंदाज किए जाने को आपराधिक लापरवाही करार दिया है, जबकि Gadi Eisenkot का कहना है कि प्रधानमंत्री ने हमले से पहले दर्जनों चेतावनियों पर ध्यान नहीं दिया था।

जांच आयोग की मांग और राजनीतिक खींचतान

जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि शिन बेट के पूर्व प्रमुख Ronen Bar और सेना के पूर्व प्रमुख Herzi Halevi को इस कथित अमीराती चेतावनी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि मिस्र की खुफिया एजेंसी ने भी इसराइल को हमले से कुछ समय पहले आगाह किया था। प्रधानमंत्री Netanyahu ने पहले भी निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए जांच आयोग का विरोध किया है। उनका यह भी मानना है कि यह रिपोर्ट आगामी 27 अक्टूबर को होने वाले इसराइली चुनावों को प्रभावित करने के लिए एक राजनीतिक हथकंडा है, जिसमें उन्होंने निर्वाचित फिलिस्तीनी अधिकारी Muhammad Dahlan का भी हाथ होने की बात कही है। इस पूरे घटनाक्रम ने देश की राजनीति को दो धड़ों में बांट दिया है और हर कोई आने वाले दिनों के राजनीतिक परिणामों पर नजर बनाए हुए है।

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