न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री का कड़ा बयान, इस्राइली बस्तियों को बताया अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन.

न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री Winston Peters ने 8 सितंबर 2026 को यह साफ कर दिया कि फिलिस्तीनी इलाकों में इस्राइली बस्तियों का निर्माण अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि इन बस्तियों के बढ़ने से इलाके में लंबे समय तक शांति स्थापित होने की उम्मीदों को बड़ा झटका लग रहा है। सरकार का यह रुख पुराना है और देश पहले भी ऐसे मामलों में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कड़े कदम उठा चुका है।
न्यूजीलैंड की पुरानी कूटनीति और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव
साल 2016 में न्यूजीलैंड की नेशनल पार्टी की सरकार के दौरान, जिसमें Peters भी शामिल थे, देश ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव Resolution 2334 का समर्थन किया था। इस प्रस्ताव में इस्राइली बस्तियों को गैरकानूनी बताया गया था। इसके बाद सितंबर 2024 में भी Peters ने एक प्रस्ताव का समर्थन किया था जिसमें इस्राइल से फिलिस्तीनी जमीन खाली करने की मांग की गई थी। सरकार दो-राष्ट्र समाधान यानी टू-स्टेट सॉल्यूशन के समर्थन में हमेशा खड़ी रही है।
बस्तियों के विस्तार पर रोक और वीजा प्रतिबंध
न्यूजीलैंड की सरकार इस मामले में संतुलित नीति अपना रही है। प्रधानमंत्री Christopher Luxon और विदेश मंत्री Winston Peters ने बस्तियों के विस्तार का कड़ा विरोध किया है। हिंसा में शामिल तीन चरमपंथी इस्राइली नागरिकों पर जून 2026 में यात्रा प्रतिबंध यानी ट्रैवल बैन भी लगाए गए थे। हालांकि, सरकार ने अभी तक फिलिस्तीन को एक अलग देश के रूप में आधिकारिक मान्यता नहीं दी है। अगस्त 2026 में Peters ने संयुक्त राष्ट्र को बताया था कि अभी मान्यता देने के लिए सही हालात नहीं बने हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाए गए नए कदम
विदेश मंत्री के ताजा बयान के बाद 8 सितंबर 2026 को वैश्विक स्तर पर कई बड़े फैसले लिए गए। यूनाइटेड किंगडम यानी यूके ने वेस्ट बैंक की इस्राइली बस्तियों के साथ व्यापार पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके अलावा फ्रांस, कनाडा, डेमार्क, स्पेन, फिनलैंड, आयरलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, स्वीडन और यूके समेत कुल 12 देशों ने मिलकर एक साझा बयान जारी किया जिसमें बस्तियों के विस्तार का विरोध किया गया। हालांकि, न्यूजीलैंड इस साझा बयान में शामिल नहीं हुआ और अधिकारियों ने साफ किया कि देश अभी यूके की तरह वेस्ट बैंक व्यापार प्रतिबंध में शामिल नहीं हो रहा है।