flydubai कॉकपिट हमला: NIA ने दर्ज किया UAPA और हाइजैकिंग केस

NIA ने flydubai FZ1073 में कॉकपिट पर हुए हमले की जांच के लिए UAPA और हाइजैकिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया। भारतीय पायलट Captain Smit Machchhar घायल हैं।

Aanya10 October 20262 min read11 viewsIndia
flydubai कॉकपिट हमला: NIA ने दर्ज किया UAPA और हाइजैकिंग केस

नई दिल्ली: flydubai की उड़ान FZ1073 में उड़ान के बीच कॉकपिट के भीतर भारतीय पायलट Captain Smit Machchhar पर हुए हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) करेगी। एजेंसी ने 9 अक्टूबर को इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। गृह मंत्रालय (MHA) के निर्देश पर दर्ज इस केस का नंबर RC-34/2026/NIA/DLI है। मंत्रालय ने मामले की गंभीरता और इसके राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय असर को देखते हुए इसे एजेंसी को सौंपा है।

FIR के मुताबिक, 30 सितंबर की यह उड़ान सुबह 7:05 बजे (GST) दुबई से रवाना हुई थी। विमान में 174 यात्री और छह क्रू सदस्य सवार थे। सुबह करीब 9:21 बजे, जब विमान जॉर्डन और सऊदी अरब की सीमा के पास उड़ रहा था, तब उसने अचानक तेज़ी से नीचे गोता लगाया और वापस सऊदी हवाई क्षेत्र की ओर मुड़ गया।

कॉकपिट के अंदर क्या हुआ

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यात्रियों के बयानों का हवाला देते हुए FIR में कहा गया है कि ओमानी फर्स्ट ऑफिसर ने कैप्टन मच्छर पर हमला किया। आरोप है कि यह हमला विमान को हाइजैक करने या उसे गिराने की कोशिश के तौर पर किया गया। हमले के बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने मिलकर फर्स्ट ऑफिसर को काबू में किया। इस दौरान कैप्टन के सिर और हाथों पर गहरे घाव आए। कुछ रिपोर्टों में हथियार के रूप में कुल्हाड़ी का जिक्र है। हमले के बाद विमान करीब दो मिनट में लगभग 16,000 फीट नीचे आ गया, और इसी दौरान हाइजैकिंग का संकेत देने वाला डिस्ट्रेस सिग्नल भेजा गया।

फिर विमान के दूसरे flydubai पायलटों ने उसे सऊदी अरब के उत्तर-पश्चिम में स्थित Tabuk के प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअज़ीज़ एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया। सुबह 10:45 बजे (GST) लैंडिंग के बाद सऊदी अधिकारियों ने फर्स्ट ऑफिसर को हिरासत में ले लिया। कैप्टन मच्छर का इलाज अबू धाबी के एक अस्पताल में चल रहा है।

NIA की कार्रवाई और कानूनी धाराएं

NIA ने यह केस भारतीय नागरिक के खिलाफ अपराध को आधार बनाकर दर्ज किया है। इसमें हाइजैकिंग एक्ट, 2016 की धारा 3 और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 16 के साथ धारा 15(1)(a) लगाई गई है। साथ में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के संबंधित प्रावधान भी जोड़े गए हैं। ये सभी अपराध NIA एक्ट, 2008 के तहत अनुसूचित अपराधों में आते हैं। केंद्र सरकार ने NIA एक्ट की धारा 6 की उपधारा 5 और 8 तथा धारा 8 के तहत अधिकार का इस्तेमाल करते हुए एजेंसी को यह केस दर्ज करने का निर्देश दिया। सरकार का मानना है कि इस साजिश की पूरी कड़ी खंगालना ज़रूरी है।

इसी बीच UAE के अटॉर्नी-जनरल डॉ. हमद सैफ़ शामस

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