North Korea News: दक्षिण कोरिया और अमेरिका के ड्रिल के बाद उत्तर कोरिया ने की स्ट्राइक ड्रिल

दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के बीच हाल ही में पांच दिनों का संयुक्त सैन्य अभ्यास खत्म हुआ था, जिसके ठीक बाद उत्तर कोरिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपनी आर्टिलरी और मिसाइल इकाइयों के साथ बड़े पैमाने पर फायरपावर स्ट्राइक ड्रिल को अंजाम दिया। उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया ने सोमवार को इस बात की आधिकारिक जानकारी दी कि देश की सेना ने किस तरह अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। इस सैन्य अभ्यास के सामने आने के बाद कोरियाई प्रायद्वीप में एक बार फिर से तनाव का माहौल बन गया है और दुनियाभर की इस पर कड़ी नजर टिकी हुई है कि आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
वोनसान इलाके से दागी गई थीं मिसाइलें
दक्षिण कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी योनहाप के मुताबिक, यह रिपोर्ट दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ यानी जेसीएस के उस बयान के ठीक दो दिन बाद सामने आई है, जिसमें यह बताया गया था कि उत्तर कोरिया ने वोनसान इलाके से ईस्ट सी की ओर कई शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। बीते 12 सितंबर को कोरियन पीपुल्स आर्मी की लंबी दूरी की आर्टिलरी और मिसाइल इकाइयों ने इस संयुक्त फायरपावर अटैक ड्रिल में पूरी ताकत के साथ हिस्सा लिया था। इस अभ्यास में कुल पांच आर्टिलरी और मिसाइल संयुक्त इकाइयों से चुनी गई सब-यूनिट्स को शामिल किया गया था, जिन्होंने अपनी मारक क्षमता का खुलकर प्रदर्शन किया।
अत्याधुनिक हथियारों का हुआ प्रदर्शन
इस सैन्य अभ्यास के दौरान उत्तर कोरिया ने अपनी कई आधुनिक हथियार प्रणालियों का खुलकर प्रदर्शन किया, जिससे यह साफ हो गया कि वह किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। अभ्यास में कई प्रकार के अटैक ड्रोन, टैक्टिकल क्रूज़ मिसाइलें, बड़े कैलिबर वाले थर्मल-प्रेशर मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर और टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइलों को शामिल किया गया था। उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने यह दावा भी किया है कि उनके सभी स्ट्राइक हथियार प्रणालियों ने अपने निर्धारित लक्ष्यों को सौ फीसदी सटीकता के साथ निशाना बनाया है। उत्तर कोरिया ने इस अभ्यास को अपनी फायरपावर और विभिन्न सैन्य इकाइयों के बीच आपसी तालमेल और समन्वय की क्षमता का एक बड़ा प्रदर्शन बताया है।
किम जोंग-उन नहीं थे मौजूद, पाक जोंग-चोन ने की निगरानी
इस पूरी ड्रिल के दौरान उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग-उन मौके पर मौजूद नहीं थे। इस पूरे सैन्य अभ्यास की निगरानी उत्तर कोरिया के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के वाइस चेयरमैन पाक जोंग-चोन ने की थी। वहीं दूसरी ओर, उत्तर कोरियाई सेना के आर्टिलरी ब्यूरो के डायरेक्टर यु चांग-सन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस तरह के व्यावहारिक अभ्यासों से दुश्मन के खिलाफ किसी भी प्रकार की जवाबी कार्रवाई की तैयारी और सैन्य विशेषज्ञता को और अधिक मजबूत किया जाएगा। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के शुरुआती आकलन के अनुसार, इस साल का यह मिसाइल लॉन्च उत्तर कोरिया का 13वां बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण माना जा रहा है।
फ्रीडम एज अभ्यास और अमेरिका का रुख
दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान ने शुक्रवार को दक्षिण कोरिया के जेजू द्वीप के पूर्व और दक्षिण में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में अपना पांच दिवसीय फ्रीडम एज सैन्य अभ्यास पूरी तरह से समाप्त किया था। उत्तर कोरिया ने हमेशा की तरह इस अभ्यास की कड़ी आलोचना की है। उनके रक्षा मंत्री किम सोंग-गी ने अमेरिका के नेतृत्व में होने वाले इन सैन्य अभ्यासों को सीधा उकसावे की कार्रवाई बताया है और भविष्य में कड़े जवाबी कदम उठाने की चेतावनी दी है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस साल उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन से मुलाकात की इच्छा भी जताई है, जिससे यह साफ होता है कि एक तरफ जहां सैन्य तनाव अपनी चरम सीमा पर है, वहीं दूसरी तरफ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के रास्ते भी तलाशे जा रहे हैं।