ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का यूएई दौरा सफल, 880 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ पक्का.

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अपने दुबई दौरे के दौरान निवेश के मोर्चे पर बड़ी सफलता हासिल की है। इस अहम यात्रा से भारत के इस राज्य और खाड़ी देश के बीच व्यापारिक रिश्ते और अधिक मजबूत हुए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी दी है कि इस दौरे के दूसरे दिन कुल पांच समझौतों और आठ निवेश प्रस्तावों पर मुहर लगी है।
निवेश से मिलेंगे रोजगार के नए अवसर
11 सितंबर 2026 को समाप्त हुए इस दौरे में जो करार हुए हैं, उनसे कुल 880 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी लगभग भारतीय रुपयों में एक बड़ा निवेश आने की उम्मीद है। इन तमाम समझौतों के जमीन पर उतरने से राज्य के युवाओं के लिए 14,310 नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। खाड़ी देशों में रहने वाले और भारत के विकास में रुचि रखने वाले प्रवासियों के लिए भी यह एक सकारात्मक खबर है, क्योंकि इससे देश में तरक्की के रास्ते खुलते हैं।
किन क्षेत्रों में होगा निवेश
यह पूरा निवेश कई प्रमुख सेक्टरों पर केंद्रित रहा है। इसमें मुख्य रूप से सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी, आईटी से जुड़ी सेवाएं, रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, स्टील उद्योग, दुर्लभ खनिज, रसायन, एल्युमिनियम और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों के बढ़ने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और काम करने के नए रास्ते बनेंगे।
मंत्रियों और कारोबारियों के साथ बैठकें
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने यूएई के अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मारी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने आपसी आर्थिक सहयोग को और आगे बढ़ाने को लेकर विस्तार से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि उनकी सरकार कारोबार को आसान बनाने के लिए लगातार काम कर रही है और इसके लिए बेहतर नीतियां तथा जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है।
अपनी इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने एल्युमिनियम डाउनस्ट्रीम उद्योग से जुड़ी एक विशेष गोलमेज बैठक में भी हिस्सा लिया। इसके अलावा उन्होंने दुबई में इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल काउंसिल (IBPC) के सदस्यों से मुलाकात कर व्यापारिक रिश्तों को बढ़ाने पर चर्चा की। उन्होंने एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम (EGA) का दौरा करके वहां की आधुनिक औद्योगिक प्रक्रियाओं को भी नजदीक से देखा और समझा।