ओडिशा सरकार का बड़ा कदम, संयुक्त अरब अमीरात से मिले 2.43 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव.

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई का तीन दिवसीय दौरा पूरा किया। इस सफल दौरे के बाद राज्य को कुल 2.43 लाख करोड़ रुपये से अधिक के भारी-भरकम निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण बातचीत हुई, जिससे आने वाले समय में ओडिशा के औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करना है।
इस प्रतिनिधिमंडल में उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वांते, मुख्य सचिव अनु गर्ग और उद्योग विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। यूएई में इस दौरान कुल 52 आमने-सामने की बैठकें और गोलमेज बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों के परिणामस्वरुप कुल 24 समझौतों पर बात बनी, जिसमें 8 समझौता ज्ञापन यानी एमओयू और 16 निवेश intención फॉर्म शामिल हैं। इस पूरी यात्रा और निवेश प्रस्तावों के बारे में विस्तार से जानने के लिए आप ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं, जिसमें सभी आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि की गई है।
रोजगार के बंपर अवसर और प्रमुख क्षेत्र
सरकार की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार इन सभी नए निवेश प्रस्तावों से राज्य के युवाओं के लिए लगभग 618,725 नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। ये सभी प्रस्ताव ग्रीन एनर्जी, आधुनिक तकनीक, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, स्टील, रसायन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं। इन क्षेत्रों के विकास से न केवल स्थानीय लोगों को काम मिलेगा बल्कि राज्य की आर्थिकी को भी एक नई रफ्तार मिलेगी।
इस दौरे के दौरान कई नामी कंपनियों ने ओडिशा में निवेश करने को लेकर अपनी सहमति जताई है। इसमें एलएनजी स्टोरेज के लिए काजबान प्रोजेक्ट वेंचर्स, ग्रीन एनर्जी और दुर्लभ खनिजों के लिए राना होल्डिंग्स लिमिटेड, हाउसिंग सेक्टर के लिए शराफ ग्रुप और स्टील डाउनस्ट्रीम उद्योगों के लिए पीटीसीएल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी बड़ी कंपनियों के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन कंपनियों के आने से राज्य का औद्योगिक ढांचा और अधिक मजबूत होगा।
प्रधानमंत्री स्तर पर भी हुई बड़ी चर्चा
इस बड़ी सफलता के बीच देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी यानी आईएचसी के एक बड़े प्रस्ताव का स्वागत किया। इस कंपनी ने ओडिशा में एक एकीकृत ग्रीनफील्ड एल्यूमीनियम परियोजना के लिए 11.5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का प्रस्ताव दिया है। यह इस सेक्टर में भारत का अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश माना जा रहा है, जो दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक संबंधों को दर्शाता है।
आगे की योजना और यूएई के मंत्रियों का दौरा
इस सफल निवेश यात्रा के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने यह घोषणा की है कि जल्द ही यूएई के मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल ओडिशा का दौरा करेगा। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य चल रहे प्रोजेक्ट्स के काम में तेजी लाना और उन्हें समय पर पूरा करना है। यूएई के अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मारी ने इस यात्रा के लिए मिले निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। राज्य सरकार का यह स्पष्ट कहना है कि वह हर हाल में विकास कार्यों में गति और निश्चितता बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।