Strait of Hormuz Crisis: हॉर्मूज जलडमरूमध्य में तनाव के बीच तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट, जानिए पूरा मामला.

हॉर्मूज जलडमरूमध्य संकट को सुलझाने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज होने के बाद 27 अगस्त 2026 को तेल की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की गई। बाजार में इस बात की उम्मीदें बढ़ गई हैं कि जल्द ही इस मामले में कोई बड़ा diplomatic breakthrough सामने आ सकता है, हालांकि पिछले कई महीनों से चल रहे इस तनाव के कारण अभी भी क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
कतर के प्रधानमंत्री का तेहरान दौरा
इस पूरे विवाद को खत्म करने के लिए बातचीत का दौर जारी है। कतर के प्रधानमंत्री 27 अगस्त को तेहरान का दौरा करने वाले हैं, जहां मुख्य रूप से नेविगेशन की स्वतंत्रता को फिर से बहाल करने पर चर्चा की जाएगी। इससे पहले 26 अगस्त को ईरान के एक वरिष्ठ सूत्र ने जानकारी दी थी कि ईरान और ओमान इस जलमार्ग और रेवेन्यू शेयरिंग को लेकर एक विस्तृत समझौते को अंतिम रूप दे रहे हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी इस बात का समर्थन किया था। हालांकि दूसरी तरफ द जेरुसलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी भी दोनों पक्षों के बीच कुछ मामलों को लेकर गंभीर असहमति बनी हुई है, खासकर ओमान द्वारा ट्रांजिट फीस लगाने से इनकार करने और खदानों को हटाने के मुद्दों पर पेंच फंसा हुआ है.
सैन्य जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाने की तैयारी
ईरान के उप विदेश मंत्री काजिम गरीबबादी ने मंगलवार को देर रात बयान दिया कि ओमान के साथ होने वाले इस संभावित समझौते का मुख्य उद्देश्य जलडमरूमध्य में सैन्य जहाजों की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाना होगा। वहीं दूसरी ओर इस क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति अभी भी काफी अस्थिर बनी हुई है। UKMTO (यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस) ने 27 अगस्त को रिपोर्ट दी कि हॉर्मूज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक टैंकर पर अज्ञात प्रक्षेपास्त्र से हमला किया गया, जिससे उसमें आग लग गई। हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित बताए गए। गनीमत यह रही कि इस घटना में पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और पिछले 24 घंटों में इस तरह की यह दूसरी घटना सामने आई है।
शिपिंग ट्रैफिक और नए नियम
भले ही 26 अगस्त को जहाजों की आवाजाही में थोड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली हो और उस दिन 10 कमोडिटी वेसल इस जलमार्ग से गुजरे हों, लेकिन यह आंकड़ा अभी भी पिछले 10 दिनों के औसत यानी लगभग 15 जहाजों से काफी कम है। इस बीच ईरान के पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी ने 24 अगस्त के आसपास सख्त ट्रांजिट नियम लागू कर दिए हैं, जिसके तहत 46 ऐसे जहाजों की सूची जारी की गई है जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। अथॉरिटी ने चेतावनी दी है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है या फिर उन्हें जब्त किया जा सकता है। इसके अलावा ईरानी संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग ने 23 अगस्त को एक बिल के अनुच्छेद 3 को मंजूरी दी, जिसके तहत अधिकृत देशों के जहाजों से सर्विस फीस वसूलने का प्रावधान किया गया है। तेहरान का यह भी कहना है कि जब तक अमेरिका जून महीने में टूटे हुए समझौते की शर्तों का पालन नहीं करता, तब तक इस जलमार्ग को पूरी तरह से नहीं खोला जाएगा.
अमेरिका और चीन की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 25 अगस्त को बयान दिया कि अमेरिकी नौसेना ने हॉर्मूज जलडमरूमध्य के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से समुद्री खदानों को सफलतापूर्वक हटा दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में ऐसी कोई भी कोशिश की गई तो उसका तुरंत जवाब दिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर चीन ने अमेरिका के नेतृत्व वाले 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' की कड़ी आलोचना की है। चीन का कहना है कि ईरान पर इस तरह का आर्थिक दबाव बढ़ाने से वैश्विक वित्तीय व्यवस्था अस्थिर हो सकती है।