ट्रंप के एक फैसले से वैश्विक बाजार में हलचल, कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नवंबर चुनाव से पहले ईरान पर हमले से इनकार किया, जिससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई।

Gautam Sahu9 October 20262 min read8 viewsWorld
ट्रंप के एक फैसले से वैश्विक बाजार में हलचल, कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट

दुनिया भर के तेल बाजारों में अचानक गिरावट देखी गई है, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान है। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वह नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों (midterm elections) से पहले ईरान पर किसी भी सैन्य हमले को अंजाम नहीं देंगे। ट्रंप के इस ऐलान के बाद निवेशकों ने राहत की सांस ली है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ा और दाम नीचे गिर गए।

9 अक्टूबर 2026 को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में करीब 1.1% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह 1.10 डॉलर घटकर 103.18 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इसी तरह, वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 0.52 से 1.31 डॉलर तक नीचे गिरकर 90.18 से 90.97 डॉलर के बीच बंद हुआ। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि अमेरिका फिलहाल ईरान के साथ सार्थक चर्चा कर रहा है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की आर्थिक और सैन्य स्थिति अभी भी काफी खराब है।

ईरान पर दबाव बरकरार, लेकिन युद्ध का डर कम हुआ

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

भले ही ट्रंप ने हमले से इनकार किया हो, लेकिन अमेरिका ने ईरान पर अपनी सख्ती कम नहीं की है। ईरान पर लगा नाकाबंदी का पहरा अब भी जारी है। साथ ही, 8 अक्टूबर को अमेरिका ने उन व्यक्तियों, नेटवर्क्स और 17 जहाजों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं, जो ईरानी कच्चे तेल और पेट्रोकेमिकल्स की तस्करी में शामिल थे।

दूसरी ओर, राजनयिक स्तर पर भी हलचल तेज है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची ने पुष्टि की है कि तेहरान, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सात दिनों के भीतर फिर से खोलने के अमेरिकी प्रस्ताव पर विचार कर रहा है और जल्द ही इसका जवाब दिया जाएगा।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति के इस बयान ने फिलहाल क्षेत्रीय युद्ध के तत्काल डर को कम कर दिया है। हालांकि, बाजार की स्थिरता अब पूरी तरह से बातचीत में होने वाली प्रगति और शिपिंग सुरक्षा पर निर्भर करेगी। इसके अलावा, तूफान 'इसायास' के कारण सप्लाई में आई बाधा और चीन में 'गोल्डन वीक' की छुट्टियों के बाद ईंधन निर्यात की बहाली जैसे कारकों ने भी तेल बाजार की दिशा तय करने में भूमिका निभाई है।

Share:

Comments

Leave a comment