Okaz के संपादक बनकर यमनी अधिकारियों को ठगने की कोशिश, फैलाया जाल

एक जालसाज ने Okaz के संपादक बनकर यमन के बड़े नेताओं को निशाना बनाया। जानिए कैसे हुआ यह साइबर हमला।

Gautam Sahu8 October 20262 min read5 viewsWorld
Okaz के संपादक बनकर यमनी अधिकारियों को ठगने की कोशिश, फैलाया जाल

सऊदी अरब के मशहूर अखबार Okaz के मुख्य संपादक जमील अलथियाबी के नाम पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक अज्ञात व्यक्ति ने जर्मन फोन नंबर का इस्तेमाल करते हुए अलथियाबी का रूप धरा और यमन के वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य नेताओं से संपर्क करने की कोशिश की। इस जालसाज ने व्हाट्सएप प्रोफाइल पर संपादक की फोटो लगाई ताकि सामने वाले को यह यकीन हो जाए कि वह असली जमील अलथियाबी से बात कर रहे हैं।

इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब यमन के दो बेहद प्रभावशाली नेताओं के कार्यालयों ने इस संचार की सत्यता जांचने के लिए सीधे Okaz अखबार से संपर्क किया। इन अधिकारियों में यमनी प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. रशाद अल-अलीमी और जायंट्स ब्रिगेड के कमांडर व काउंसिल सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल अब्दुल रहमान अल-महमरी (अबू ज़ारा) शामिल थे।

संदिग्ध लिंक के जरिए साइबर हमले की साजिश

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जब लेफ्टिनेंट जनरल अल-महमरी के कार्यालय ने पहचान की पुष्टि मांगी, तो जालसाज ने उन्हें एक संदिग्ध लिंक भेजा। उसने दावा किया कि इस लिंक को खोलने पर वे 'मोना' नाम की महिला से बात कर पाएंगे, जिसे उसने अलथियाबी के कार्यालय की निदेशक बताया था। हालांकि, जब Okaz ने इसकी जांच की, तो पाया कि अखबार में ऐसी कोई कर्मचारी काम नहीं करती है।

Okaz ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह से एक धोखा है और इस तरह के संदेशों के जरिए संवेदनशील जानकारी चुराने या साइबर हमला करने की कोशिश की गई है। अखबार ने साफ तौर पर कहा कि संपादक जमील अलथियाबी ने किसी को भी यमनी अधिकारियों से संपर्क करने के लिए अधिकृत नहीं किया था।

अखबार ने इस घटना को एक गंभीर धोखाधड़ी करार देते हुए जनता और सरकारी अधिकारियों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी अनजान स्रोत से आने वाले संदिग्ध संदेशों या लिंक पर क्लिक न करें। उन्होंने सभी से आग्रह किया है कि किसी भी संचार की पुष्टि केवल आधिकारिक माध्यमों से ही करें।

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