ओमान और रवांडा के बीच ऐतिहासिक समझौता, राजनयिक पासपोर्ट धारकों के लिए वीज़ा-मुफ्त यात्रा का हुआ ऐलान

Nura Basta8 September 20262 min read11 viewsOman
ओमान और रवांडा के बीच ऐतिहासिक समझौता, राजनयिक पासपोर्ट धारकों के लिए वीज़ा-मुफ्त यात्रा का हुआ ऐलान

ओमान और रवांडा के बीच एक ऐतिहासिक बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है जिसके तहत दोनों देशों ने वीज़ा-मुक्त यात्रा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। 8 सितंबर 2026 को सलालाह के अल हुस्न पैलेस में हुई इस अहम बैठक में ओमान और रवांडा के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस नए समझौते के लागू होने से अब दोनों देशों के बीच राजनयिक, विशेष और आधिकारिक पासपोर्ट धारक बिना वीज़ा के यात्रा कर सकेंगे। इस कदम को ओमान की विजन 2040 रणनीति का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है जिसके जरिए देश अफ्रीका के साथ अपने कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में जुटा हुआ है।

व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए छह समझौतों पर हस्ताक्षर

यात्रा समझौते के अलावा ओमान और रवांडा ने व्यापार, निवेश और सरकारी सहयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को कवर करने वाले छह अन्य समझौता ज्ञापनों यानी एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए। अधिकारियों के मुताबिक इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इसके अलावा डबल टैक्सेशन यानी दोहरे कराधान को रोकने और व्यापारिक हितों की रक्षा करने के लिए भी नियम तय किए गए हैं। इन पहलों से आने वाले समय में कंपनियों और आम कारोबारियों के लिए बिजनेस करना काफी आसान हो जाएगा।

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प्रवासियों और भारतीय समुदाय पर क्या होगा असर

ओमान में बड़ी संख्या में विदेशी प्रवासी रहते हैं जिनमें भारत के नागरिक भी शामिल हैं। इन नए समझौतों से ओमान और रवांडा के बीच मस्कट और किगाली के बीच फ्लाइट कनेक्टिविटी यानी उड़ानों के नेटवर्क के विस्तार की उम्मीद बढ़ गई है। जैसे-जैसे रवांडा एक प्रमुख अफ्रीकी पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है, वैसे-वैसे हवाई मार्गों के बढ़ने से क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स और प्रोफेशनल नौकरियों के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि आम नागरिकों और स्टैंडर्ड पासपोर्ट धारकों के लिए अभी वीज़ा नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे और उनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

ओमान की तटस्थ नीति और क्षेत्रीय स्थिरता

साल 2026 के दौरान क्षेत्रीय तनावों के बीच ओमान ने ईरान के साथ अपनी तटस्थता बनाए रखते हुए एक स्थिर खाड़ी देश के रूप में अपनी छवि को और मजबूत किया है। मस्कट एयरपोर्ट ने इस दौरान एक अहम निकासी केंद्र के रूप में भी काम किया। इन तमाम नए समझौतों के माध्यम से ओमान एशिया और अफ्रीका के बीच के संबंधों को जोड़कर अपनी अर्थव्यवस्था को और अधिक विविधतापूर्ण बनाना चाहता है। सामान्य पासपोर्ट धारक प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे वीज़ा से जुड़े किसी भी नए बदलाव के लिए अपने संबंधित दूतावास या वाणिज्य दूतावास के आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखें।

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