Oman Expat Income: ओमान में प्रवासियों की औसत मासिक आय 717 RO, खर्चा भी तेज़ी से बढ़ा.

ओमान में रहने वाले लाखों प्रवासियों के लिए आर्थिक मोर्चे पर एक नया और महत्वपूर्ण आंकड़ा सामने आया है, जिसे जानकर हर आम कामगार और नौकरीपेशा व्यक्ति अपनी जेब का हिसाब लगाने पर मजबूर हो जाएगा। National Centre for Statistics and Information (NCSI) ने अपनी नई हाउसहोल्ड इनकम एंड एक्सपेंडिचर सर्वे की रिपोर्ट जारी कर दी है। इस सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में ओमान में प्रवासी परिवारों की औसत मासिक आय RO717.2 दर्ज की गई, जबकि इसके मुकाबले औसत मासिक खर्चा RO402 रिकॉर्ड किया गया। यह आंकड़े उन सभी भारतीयों के लिए बेहद अहम हैं जो खाड़ी देश ओमान में रहकर अपने परिवार का गुजर-बसर कर रहे हैं और देश पैसा भेजते हैं। फरवरी 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक ओमान में भारतीय समुदाय की आबादी लगभग 674,950 है, जिनमें से अकेले मई 2026 तक 526,496 से ज्यादा लोग वैध वर्क वीजा पर काम कर रहे हैं।
आय से अधिक तेजी से भागा घरेलू खर्च
सरकारी आंकड़ों की गहराई से समीक्षा करें तो पता चलता है कि पिछले कुछ सालों में प्रवासियों की कमाई के मुकाबले उनका खर्च काफी तेजी से ऊपर उठा है। साल 2018 से लेकर 2025 के बीच के आंकड़ों की तुलना करने पर साफ हुआ कि इस सात साल की अवधि में प्रवासी परिवारों की औसत मासिक आय में 7.3% की बढ़ोतरी हुई, जो पहले RO668.6 हुआ करती थी और अब बढ़कर RO717.2 हो गई। वहीं दूसरी तरफ, इसी दौरान औसत मासिक खर्चे में पूरे 11% की तेज वृद्धि दर्ज की गई, जो RO362 से बढ़कर सीधे RO402 पर पहुंच गई। साफ शब्दों में कहें तो ओमान में रहने वाले प्रवासियों की कमाई जितनी रफ्तार से बढ़ी, उससे कहीं ज्यादा तेजी से उनका घर चलाने का खर्च बढ़ गया। NCSI द्वारा मस्कट में 6 सितंबर 2026 को जारी किए गए इन आंकड़ों का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि देश में वेतन के नियमों या न्यूनतम मजदूरी में कोई बदलाव किया गया है, बल्कि यह केवल प्रवासी परिवारों की आर्थिक स्थिति का एक आधिकारिक सरकारी सर्वे है।
वेतन मुख्य आय का जरिया और घर का बजट
इस सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, प्रवासियों के लिए वेतन और सैलरी ही कमाई का सबसे बड़ा जरिया बनी हुई है, जिससे औसतन RO686.38 की आय होती है, जबकि संपत्ति या प्रॉपर्टी से होने वाली कमाई लगभग RO26.69 तक ही सीमित रहती है। जब बात घर के खर्चों की आती है, तो पता चलता है कि प्रवासियों की कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा बुनियादी और फिक्स खर्चों में ही निकल जाता है। मकान का किराया, पानी, बिजली, गैस और अन्य ईंधन पर होने वाला खर्च कुल मासिक खर्चे का लगभग 48% हिस्सा खा जाता है, जो भारतीय रुपयों या ओमान रियाल के हिसाब से लगभग RO193 बैठता है। इसके अलावा खाने-पीने की चीजें और नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक्स पर 16.5% यानी करीब RO66, ट्रांसपोर्टेशन पर 6.6% यानी लगभग RO26.5, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई यानी एजुकेशन पर 5.2% यानी करीब RO21, और बाहर होटल या रेस्टोरेंट सेवाओं पर 5.25% यानी लगभग RO21 खर्च होता है।
वेतन समझौते और कुल पैकेज का महत्व
आर्थिक मामलों के जानकारों का मानना है कि ये सभी आंकड़े किसी एक व्यक्ति की सैलरी नहीं बल्कि पूरे परिवार के औसत खर्चे को दर्शाते हैं। असल जिंदगी में हर कर्मचारी का खर्च इस बात पर निर्भर करता है कि उसकी कंपनी उसे रहने के लिए कमरा यानी अकोमोडेशन या आने-जाने के लिए ट्रांसपोर्ट की सुविधा मुफ्त दे रही है या नहीं। इसलिए ओमान में नई नौकरी ढूंढते समय या सैलरी की बातचीत करते समय कर्मचारियों को मिलने वाले कुल फायदों, भत्तों और बेसिक सैलरी का सही से आकलन करना चाहिए, क्योंकि यही चीजें आगे चलकर उनके पैसे बचाने और घर पर सही सलामत रकम भेजने की क्षमता को सीधा प्रभावित करती हैं। इस पूरे सर्वे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए NCSI ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल किया ताकि आंकड़ों को ज्यादा सटीक और भरोसेमंद बनाया जा सके।