Oman Survey: ओमान में रहने वाले प्रवासियों की मासिक कमाई 717 रियाल, जानिए कहां खर्च होता है सबसे ज्यादा पैसा.

ओमान में रहने वाले लाखों प्रवासियों के लिए घर चलाना अब कितना महंगा हो गया है, इस बात का खुलासा वहां की एक नई सरकारी रिपोर्ट में हुआ है। Oman Observer की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान के नेशनल सेंटर फॉर स्टैटिस्टिक्स एंड इंफॉर्मेशन यानी NCSI ने एक नया सर्वे जारी किया है। इस सर्वे में ओमान में रहने वाले विदेशी नागरिकों की कमाई और उनके खर्च करने के तरीकों के बारे में पूरी जानकारी दी गई है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों और अन्य विदेशी कामगारों के लिए अपनी मासिक बजट को समझना और भी आसान हो गया है क्योंकि इसमें हर एक खर्च का पूरा हिसाब किताब दिया गया है।
प्रवासी परिवारों की कमाई और खर्च का पूरा गणित
NCSI के इस हालिया सर्वे के अनुसार, ओमान में एक गैर-ओमानी यानी प्रवासी परिवार की औसत मासिक आय RO 717.15 यानी 717.15 ओमानी रियाल है। इस कुल कमाई में से मुख्य हिस्सा यानी RO 686.38 सिर्फ सैलरी के रूप में आता है। वहीं दूसरी तरफ, इन परिवारों का औसत मासिक खर्च RO 402.48 दर्ज किया गया है। इसका मतलब साफ है कि प्रवासी अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा बचा भी लेते हैं, लेकिन महंगाई का असर उनके बजट पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। ओमान में रहने वाले भारतीय जो प्राइवेट सेक्टर में काम करते हैं, वे भी इस आर्थिक स्थिति से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं क्योंकि उनके खर्च का पैटर्न भी इसी सर्वे के आसपास घूमता है।
रहने और खाने पर होता है सबसे ज्यादा खर्च
प्रवासियों की कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में ही चला जाता है। सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, कुल खर्च का 48% हिस्सा केवल मकान का किराया, पानी, बिजली, गैस और अन्य ईंधनों पर खर्च हो जाता है। इसके अलावा खाने-पीने की चीजों यानी फूड एंड बेवरेज पर 16.5% पैसा खर्च होता है। ट्रांसपोर्ट पर 6.6%, पढ़ाई-लिखाई यानी एजुकेशन सर्विसेज पर 5.2% और रेस्टोरेंट तथा रहने की अन्य जगहों पर 5.25% खर्च प्रवासियों द्वारा किया जाता है। घर के किराए पर आधा पैसा खर्च हो जाने के कारण परिवारों को अपने बाकी खर्च बहुत सोच-समझकर करने पड़ते हैं।
प्राइवेट और सरकारी सेक्टर की कमाई में बड़ा अंतर
ओमान के इस सर्वे में सरकारी और प्राइवेट नौकरी करने वाले प्रवासियों की कमाई में जमीन आसमान का फर्क देखने को मिला है। सरकारी सेक्टर में काम करने वाले प्रवासियों की औसत मासिक आय RO 1,667.97 है, जो कि प्राइवेट सेक्टर के मुकाबले बहुत ज्यादा है। वहीं दूसरी तरफ, प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले प्रवासियों की औसत मासिक आय RO 687.58 है। जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, ओमान सरकार के विभागों में कुल 39,627 प्रवासी काम कर रहे थे, जबकि प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले प्रवासियों की संख्या बहुत ज्यादा यानी 1,406,283 थी। चूंकि ज्यादातर भारतीय और अन्य प्रवासी प्राइवेट सेक्टर में ही नौकरी करते हैं, इसलिए उनकी औसत कमाई करीब-करीब पूरे देश के प्रवासी परिवार की औसत आय के बराबर ही बैठती है। ओमान की कुल आबादी में प्रवासियों की हिस्सेदारी 43.40% है, जिससे यह साफ होता है कि देश की अर्थव्यवस्था में विदेशी कामगारों का बहुत बड़ा योगदान है।
| Sector / Category | Average Monthly Income / Details |
|---|---|
| Government Sector Expatriates | RO 1,667.97 |
| Private Sector Expatriates | RO 687.58 |
| Overall Non-Omani Household Income | RO 717.15 |
| Overall Non-Omani Household Expenditure | RO 402.48 |
| Per Capita Monthly Income (Urban) | RO 171.32 |
| Per Capita Monthly Income (Rural) | RO 126.72 |
| Total Government Expatriates (July 2026) | 39,627 |
| Total Private Expatriates (July 2026) | 1,406,283 |