Oman का बड़ा फैसला, 1.06 लाख प्रवासियों के लिए नई सिक लीव इंश्योरेंस लागू, जानिए नियम.

ओमान सरकार ने देश में काम करने वाले लाखों प्रवासियों के लिए एक बहुत बड़ा और राहत भरा कदम उठाया है। ओमान ने आधिकारिक तौर पर जुलाई 19, 2026 से नई सिक लीव और एक्स्ट्राऑर्डिनरी लीव इंश्योरेंस योजना को पूरी तरह से लागू कर दिया है। इस नए बदलाव से ओमान में रह रहे 1.06 मिलियन यानी दस लाख से ज्यादा गैर-ओमानी यानी प्रवासी कामगारों को सीधा फायदा मिलेगा। इस योजना के तहत कर्मचारियों को बीमारी और परिवार से जुड़ी खास परिस्थितियों में छुट्टी के दौरान पूरा वेतन या उसका तय हिस्सा मिलना सुनिश्चित किया गया है।
भारतीय कामगारों के लिए क्या हैं आंकड़े
ओमान का यह नया नियम वहां रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2026 तक ओमान में लगभग 674,000 भारतीय रह रहे थे। इनमें से मई 2026 तक करीब 526,496 भारतीय नागरिकों के पास वैध वर्क वीजा मौजूद था। ऐसे में जब ओमान सरकार ने सभी प्राइवेट सेक्टर और सरकारी विभागों के गैर-ओमानी कर्मचारियों को इस सोशल प्रोटेक्शन सिस्टम के दायरे में लिया है, तो इसका सीधा और बड़ा असर भारत से जाकर वहां नौकरी करने वाले लोगों पर भी पड़ेगा।
क्या है नया कानून और किसका कितना योगदान
इस पूरी व्यवस्था को ओमान के डिसीजन नंबर 13/2026 के तहत स्थापित किया गया है। यह नया नियम स्टेट एडमिनिस्ट्रेटिव अप्पाराडस, पब्लिक लीगल एंटिटीज और ओमान लेबर लॉ के तहत आने वाले सभी प्राइवेट सेक्टर के संस्थानों पर लागू होता है। इस नियम के तहत कंपनियों और नियोक्ताओं यानी एम्प्लॉयर की जिम्मेदारी तय की गई है कि वे वर्कर के कंट्रीब्यूशन वेज का 1 प्रतिशत हिस्सा इस फंड में जमा करवाएंगे। सबसे अच्छी बात यह है कि कर्मचारियों के वेतन से इसके लिए किसी भी तरह की अलग से कटौती नहीं की जाएगी, बल्कि सारा वित्तीय भार कंपनी को ही उठाना होगा।
सिक लीव के लिए तय किए गए नए नियम
नया फ्रेमवर्क लागू होने के बाद अब कामगारों को साल भर में कुल 182 दिन तक की सिक लीव यानी बीमारी की छुट्टी का भत्ता मिल सकता है। इसके भुगतान का तरीका बहुत ही व्यवस्थित और टियर आधारित बनाया गया है। शुरुआत के 7 दिनों तक कंपनियों को कर्मचारी को पूरा वेतन देना होगा। इसके बाद दिन 8 से 21 तक 100 प्रतिशत वेतन, दिन 22 से 35 तक 75 प्रतिशत वेतन, दिन 36 से 70 तक 50 प्रतिशत वेतन और दिन 71 से 182 तक 35 प्रतिशत वेतन दिया जाएगा। नियम के मुताबिक कंपनियां पहले कर्मचारी को सीधे पैसे देंगी और बाद में सोशल प्रोटेक्शन फंड से अपना रिम्बर्स्मेंट या सेटलमेंट प्राप्त करेंगी।
परिवार की खास परिस्थितियों में मिलने वाली छुट्टियां
इस बीमा योजना के तहत केवल बीमारी ही नहीं बल्कि परिवार की अन्य जरूरी स्थितियों में भी असाधारण यानी एक्स्ट्राऑर्डिनरी लीव का प्रावधान किया गया है। शादी के लिए 3 दिन की छुट्टी मिलेगी। माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी या भाई-बहन के निधन पर 3 दिन की छुट्टी और चाचा या चाची के निधन पर 2 दिन की छुट्टी पूरे 100 प्रतिशत वेतन के साथ दी जाएगी। अगर किसी कर्मचारी के पति या पत्नी या फिर बच्चे का निधन हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में पूरे 10 दिन की सवेतन छुट्टी का प्रावधान है।
इसके अलावा जिन महिला कर्मचारियों के पति का निधन हो जाता है, उनके लिए भी विशेष नियम बनाए गए हैं। मुस्लिम महिला कर्मचारियों के लिए 130 दिन और गैर-मु मुस्लिम महिला कर्मचारियों के लिए 14 दिन की लीव तय की गई है। इतना ही नहीं यदि किसी परिवार के सदस्य जैसे पति, पत्नी, माता-पिता, बच्चे या भाई-बहन को मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए बाहर ले जाना पड़े, तो उनके साथ जाने के लिए अधिकतम 30 दिन तक की छुट्टी ली जा सकती है। इसमें पहले 15 दिनों के लिए 100 प्रतिशत और बाकी के 15 दिनों के लिए 50 प्रतिशत वेतन कवर मिलेगा।
कर्मचारियों और कंपनियों के लिए जरूरी सलाह
सभी कामगारों को सलाह दी जाती है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके नियोक्ता यानी कंपनी द्वारा उनका रजिस्ट्रेशन और वेतन का पूरा विवरण सही तरीके से दर्ज किया गया है। चूंकि रिम्बर्स्मेंट के दावे कंपनियों द्वारा ही सबमिट किए जाने हैं, इसलिए सभी तरह के दस्तावेज जैसे मेडिकल एविडेंस और फॉर्मल एचआर रिकॉर्ड्स को पूरी तरह संभाल कर रखना जरूरी है ताकि समय पर इन सभी फायदों का लाभ उठाया जा सके।