Oman ने रोकी Iran-Gulf की अहम बैठक, समुद्री हमलों और Houthi संघर्ष के कारण लिया गया फैसला.

ओमान की राजधानी और राजनयिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ क्षेत्रीय तनाव और लगातार हो रहे समुद्री हमलों के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक को टाल दिया गया है। Omani Foreign Minister Sayyid Badr Albusaidi ने रविवार देर रात यह घोषणा की कि ईरान और खाड़ी अरब देशों के बीच होने वाली महत्वपूर्ण बैठक को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी को हल करना था जिसे दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए सुलझाने की योजना बनाई गई थी। सोमवार को तय की गई इस बैठक को अधिकारियों ने आपसी आम सहमति और क्षेत्र की मौजूदा स्थिति को देखते हुए आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। इस बैठक के रद्द होने के पीछे बहरीन का वह कड़ा रुख भी शामिल था जिसमें उसने तेहरान के साथ राजनयिक संबंध बहाल न होने का हवाला देते हुए इस चर्चा में शामिल होने से साफ मना कर दिया था। बहरीन ने साल 2016 में ईरान के साथ अपने संबंध तोड़ लिए थे और इस बार साफ कर दिया कि क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता है।
समुद्री इलाकों में लगातार जारी है तनाव और हमलों का दौर
खाड़ी के समुद्री रास्तों पर तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है और लगातार जहाजों तथा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। रविवार की सुबह हंगाम और قشم यानी कि Qeshm islands के पास एक ईरानी कमर्शियल जहाज पर हमला किया गया जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। क्सहम के गवर्नर ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। इसके साथ ही यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अन्य जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला होने की सूचना दी जिसके कारण जहाज में भयंकर आग लग गई और क्रू मेंबरों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा। दूसरी ओर यमन के हूती विद्रोहियों ने दक्षिण सऊदी अरब स्थित शरूराह मिलिट्री बेस पर ड्रोन और मिसाइल दागे जिससे वहां बने कमांड सेंटर और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया गया। सऊदी सिविल डिफेंस ने जिज़ान शहर में भी एक प्रोजेक्टाइल गिरने की पुष्टि की है जिसमें दो आम नागरिक घायल हो गए और एक स्थानीय मस्जिद तथा कई इमारतों को नुकसान पहुंचा। हूती विद्रोहियों ने हाल ही में मोखा बंदरगाह और पेरिम द्वीप पर अपना कब्जा जमा लिया है जिससे बाब अल-मदब जलडमरूमध्य पर उनका शिकंजा और अधिक कस गया है।
पाइपलाइन बंद और जहाजों की आवाजाही में आई भारी गिरावट
हस्तांतरित तनाव के कारण आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों पर भी गहरा असर पड़ा है। सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को शुक्रवार को हुए एक ड्रोन हमले के बाद से बंद रखा गया है जिसके बारे में कहा जा रहा है कि यह हमला इराक की ओर से किया गया था। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जहां पहले रोजाना लगभग 130 से 140 जहाज इस रास्ते से गुजरते थे, वहीं अब घटकर केवल मुट्ठीभर जहाज ही यहां से आ-जा पा रहे हैं। भारत में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर संयुक्त अरब अमीरात के क्राउन प्रिंस Sheikh Khaled bin Mohamed Al Nahyan ने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के साथ एक बैठक की। संघर्ष शुरू होने के बाद से दोनों देशों के बीच यह पहली उच्च स्तर की आमने-सामने की मुलाकात थी। इस बैठक के दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने बयान देते हुए स्पष्ट किया कि उनका देश सऊदी अरब के साथ किसी भी युद्ध की स्थिति में नहीं है और उन्होंने हूती विद्रोहियों की हरकतों को ईरान के नियंत्रण से बाहर बताया। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और भारत से आने-जाने वाले लोगों के लिए भी यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि सुरक्षा व्यवस्था के कारण उड़ानों और समुद्री रास्तों पर लगातार असर पड़ रहा है।