Oman Rail Update: ओमान के सुल्तान ने दी हाफेट रेल प्रोजेक्ट को मंजूरी, यूएई और ओमान के बीच सफर होगा आसान.

यूएई और ओमान के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है, क्योंकि ओमान के सुल्तान Sultan Haitham bin Tarik ने हाल ही में हाफेट रेल प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के तहत दोनों देशों को जोड़ने वाली क्रॉस-बॉर्डर रेलवे लाइन के विकास समझौते को औपचारिक रूप से मंजूरी मिल गई है और इसके लिए Royal Decree No. 75/2026 जारी किया गया है। यह डिक्री 3 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गई है और इसे 6 सितंबर 2026 को ओमान के आधिकारिक गजट में प्रकाशित किया गया था, जिससे इस ऐतिहासिक द्विपक्षीय समझौते पर पक्की मुहर लग गई है।
हाफेट रेल प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं और रूट
यह महत्वपूर्ण रेलवे प्रोजेक्ट कुल 238 किलोमीटर लंबा है, जो ओमान के सोहर शहर को अल बरैमी और अल ऐन के रास्ते यूएई के नेशनल रेल नेटवर्क से जोड़ेगा। इस परियोजना पर काम बहुत तेजी से चल रहा है और अप्रैल 2026 तक इसका निर्माण कार्य 40% से अधिक पूरा हो चुका है। हालांकि, अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि यात्रियों के लिए ट्रेनों के संचालन की अंतिम तारीख, टिकट की कीमतें, बुकिंग पोर्टल और रोजाना की टाइमिंग का ऐलान अभी तक नहीं किया गया है। इसलिए आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह की अनधिकृत जानकारी के आधार पर अपनी यात्रा की बुकिंग न करें।
ट्रेन की स्पीड और समय से जुड़ी खास बातें
तकनीकी विवरण के अनुसार, इस रूट पर चलने वाली पैसेंजर ट्रेनें अधिकतम 200 किलोमीटर प्रति घंटे की शानदार रफ्तार से दौड़ेंगी और एक बार में लगभग 350 से 400 यात्री इनमें सफर कर सकेंगे। अनुमान लगाया गया है कि सोहर से अबू धाबी की दूरी तय करने में लगभग 100 मिनट लगेंगे, जबकि सोहर से अल ऐन का सफर महज 47 मिनट में पूरा हो जाएगा। इसके अलावा माल ढुलाई यानी फ्रेट ऑपरेशंस के लिए ट्रेनें 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलेंगी, जो एक बार में 15,000 टन से अधिक कार्गो यानी लगभग 270 से 276 स्टैंडर्ड कंटेनर ले जाने में सक्षम होंगी। इस सुविधा से माइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स, मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल जैसे क्षेत्रों को बहुत बड़ा फायदा पहुंचेगा।
लागत और मजबूत इंजीनियरिंग
यह प्रोजेक्ट Etihad Rail, Oman Rail और Mubadala Investment Company का एक संयुक्त उद्यम है। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 2.5 अरब अमेरिकी डॉलर है, जिसमें से 1.5 अरब डॉलर की फंडिंग क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय बैंकों से पहले ही सुरक्षित की जा चुकी है। जून 2026 तक इस प्रोजेक्ट के तहत पटरियां बिछाने का काम भी शुरू हो चुका है। इस पूरे रूट पर लगभग 60 पुल बनाए गए हैं, जिनमें से कुछ की ऊंचाई 34 मीटर तक है, और साथ ही बाढ़ से सुरक्षा तथा पहाड़ी इलाकों के लिए करीब 2.5 किलोमीटर लंबी सुरंगें भी बनाई गई हैं।
प्रवासी भारतीयों और आम लोगों पर असर
एक बार यह रेल लिंक पूरी तरह शुरू हो जाने के बाद ओमान का सोहर शहर सीधे यूएई के 900 किलोमीटर लंबे नेशनल रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा। यूएई और ओमान में रहने वाले लाखों प्रवासी भारतीयों और अन्य एक्सपैट्स के लिए यह ट्रेन सड़क और हवाई यात्रा के मुकाबले एक बेहतरीन और आसान विकल्प साबित होगी। हालांकि, अधिकारियों ने यह साफ कर दिया है कि ट्रेन का टिकट होने मात्र से किसी भी यात्री को वीजा या इमिग्रेशन नियमों में छूट नहीं मिलेगी। यात्रा करने वाले सभी लोगों को अपने डेस्टिनेशन देश के सभी प्रवेश और निवास नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा।