Oman Work Permit: ओमान में काम करने वाले भारतीयों के लिए नया नियम, वीज़ा renewal के लिए अब चाहिए सर्टिफिकेट.

ओमान में नौकरी करने वाले भारतीयों के लिए एक बहुत जरूरी खबर सामने आई है। ओमान के श्रम मंत्रालय ने हाल ही में एक नया नियम लागू किया है जिसके तहत अब वहां काम कर रहे भारतीय इंजीनियरों, अकाउंटेंट्स, फाइनेंस प्रोफेशनल्स, तकनीशियनों और ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स तथा औद्योगिक क्षेत्रों के कामगारों को अपने वर्क परमिट यानी काम के वीज़ा को रीन्यू कराने के लिए प्रोफेशनल क्लासिफिकेसन सर्टिफिकेट या प्रोफेशनल प्रैक्टिस लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नए आदेश के बाद से वहां रह रहे प्रवासियों में चिंता बढ़ गई है क्योंकि बिना इस दस्तावेज के अब वीज़ा का नवीनीकरण नहीं हो पाएगा।
भारतीय समुदाय पर पड़ेगा सीधा असर
मस्कट स्थित भारतीय दूतावास से मिली जानकारी के अनुसार, फरवरी 2026 तक लगभग 6.75 लाख भारतीय ओमान में रह रहे थे। वहीं ओमान के अपने आंकड़ों के मुताबिक मई 2026 तक 5.26 लाख से अधिक भारतीय नागरिक वहां वर्क वीज़ा पर काम कर रहे थे। इनमें से अधिकतर लोग इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन, ऑयल एंड गैस, मेंटेनेंस, लॉजिस्टिक्स, अकाउंटिंग, टेक्निकल सर्विसेज और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टरों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में यह नया नियम सीधे तौर पर ओमान में रहने वाले लाखों भारतीय कामगारों और उनके परिवारों को प्रभावित करता है।
किन सेक्टरों के लिए कौन सा सर्टिफिकेट है जरूरी
अधिकारियों का कहना है कि प्रोफेशनल एक्रिडिटेशन की जरूरतें पूरी तरह से वर्कर के ऑफिशियल जॉब कोड और उनके काम करने के सेक्टर पर निर्भर करती हैं। इंजीनियरिंग सेक्टर से जुड़े लोगों के लिए प्रोफेशनल क्लासिफिकेसन होना बहुत जरूरी है। इसके अलावा अकाउंटिंग, फाइनेंस और ऑडिटिंग के कामों को परमिट रीन्यू कराने के लिए क्लासिफिकेसन सर्टिफिकेट से जोड़ा गया है। लॉजिस्टिक्स, एनर्जी और मिनरल्स सेक्टर में तकनीशियनों, ऑपरेटरों और मेंटेनेंस से जुड़े कामों के लिए प्रोफेशनल प्रैक्टिस लाइसेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में इस सिस्टम को धीरे-धीरे लागू किया गया था जिसकी शुरुआत 9 फरवरी 2026 को हुई थी और 1 मई 2026 से इसे पूरी तरह से लागू कर दिया गया है।
समय से पहले प्रक्रिया शुरू करने की सलाह
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कुछ ऊर्जा और खनिजों से जुड़े पेशों के लिए दी गई छूट की अवधि 1 जून 2026 को समाप्त हो चुकी है। इस आखिरी तारीख के बाद से प्रभावित पदों के लिए बिना वैध प्रोफेशनल लाइसेंस के वर्क परमिट पर विचार नहीं किया जा रहा है। ओमान के श्रम मंत्रालय ने सभी नियोक्ताओं और कामगारों से अपील की है कि वे अपने रेजिडेंस कार्ड या फिर रोजगार अनुबंध के खत्म होने से एक से दो महीने पहले ही इस सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया को शुरू कर दें ताकि किसी भी तरह की देरी से बचा जा सके। मंत्रालय का यह भी कहना है कि ये सर्टिफिकेट तुरंत नहीं मिलते हैं क्योंकि इसमें योग्यता की जांच, अनुभव की समीक्षा और सेक्टर से जुड़े निकायों की मंजूरी शामिल होती है।
दस्तावेजों में गड़बड़ी से हो सकती है परेशानी
कामगारों को यह सलाह दी गई है कि वे केवल कंपनी के अंदरूनी पदों के भरोसे न रहें बल्कि अपनी HR टीम से मिलकर अपने ऑफिशियल प्रोफेशन कोड की अच्छी तरह से जांच कर लें। नाम, पासपोर्ट की जानकारी या फिर शैक्षणिक दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की छोटी सी भी गलती इस वेरिफिकेशन प्रक्रिया को लंबा खींच सकती है और देरी का कारण बन सकती है। इसके अलावा श्रम मंत्रालय ने नकली सर्टिफिकेट के इस्तेमाल को लेकर भी बहुत सख्त चेतावनी जारी की है और कहा है कि ऐसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।