ओमान में लापता कैप्टन आशीष कुमार मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, ओमान प्रशासन कर रहा है फिरौती के कॉल की जांच.

Nura Basta1 September 20262 min read31 viewsIndia
ओमान में लापता कैप्टन आशीष कुमार मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, ओमान प्रशासन कर रहा है फिरौती के कॉल की जांच.

भारतीय केंद्र सरकार ने देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट को यह अहम जानकारी दी है कि ओमान के स्थानीय अधिकारी लापता मर्चेंट नेवी के कैप्टन Ashish Kumar से जुड़े फिरौती के कथित कॉल की बहुत गंभीरता से जांच कर रहे हैं। कप्तान के परिवार का यह दावा सामने आया है कि मार्च 2026 में हुए एक समुद्री हमले के बाद उनकी रिहाई के बदले में बीस लाख रुपये की मांग की गई थी। इस पूरे मामले को लेकर जब अदालत में सुनवाई चल रही थी, तब सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने यह साफ बताया कि जहाज यानी MT Skylight से मिले जले हुए अवशेषों का डीएनए प्रोफाइलिंग करना बिल्कुल असंभव था क्योंकि वे बहुत ज्यादा जल चुके थे। इस वजह से कप्तान का असली हस्र वैज्ञानिक रूप से अभी तक पूरी तरह से साबित नहीं हो पाया है और स्थिति असमंजस में बनी हुई है।

कब्जाए गए जहाज और हमले की पूरी पृष्ठभूमि

यह पूरा कानूनी मामला अंशू कुमारी बनाम भारत संघ और अन्य यानी W.P.(Crl.) No. 322/2026 के रूप में दर्ज किया गया है। यह घटना ठीक 1 मार्च 2026 को उस वक्त घटी जब होर्मुज जलडमरूमध्य के पास खासब पोर्ट के नजदीक इस मर्चेंट पोत पर मिसाइल या ड्रोन से अचानक हमला कर दिया गया था। इस बड़े जहाज पर कुल 20 चालक दल के सदस्य यानी क्रू मेंबर सवार थे जिनमें से 18 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था, लेकिन कप्तान आशीष कुमार और एक अन्य भारतीय क्रू मेंबर इस भयानक हादसे के बाद से ही लापता हो गए थे। हालांकि शुरुआत में ऐसी खबरें आई थीं कि कप्तान के केबिन से कुछ कंकाल के अवशेष मिले हैं जो उन्हीं के हो सकते हैं, लेकिन मस्कट में स्थित भारतीय दूतावास ने इस साल मई के महीने में परिवार को आधिकारिक रूप से यह सूचित कर दिया था कि उन अवशेषों की पहचान किसी भी तरह से पक्की तौर पर नहीं की जा सकी है।

इलेक्ट्रॉनिक सबूत और परिवार की चिंताएं

इस याचिका को दायर करने वाली याचिकाकर्ता Anshu Kumari ने डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को लेकर कई तरह की गंभीर चिंताएं अदालत के सामने रखी हैं। उन्होंने बताया कि हमले के कई घंटों बाद भी व्हाट्सएप मैसेज डिलीवर हुए थे और इसके अलावा 31 मार्च 2026 को कप्तान के व्हाट्सएप प्रोफाइल में मैनुअल तरीके से कुछ बदलाव भी किए गए थे। लापता कप्तान का परिवार लगातार यह मांग कर रहा है कि इस हादसे से जुड़े सभी जरूरी रिकॉर्ड्स को सुरक्षित रखा जाए, जिसमें जहाज का वॉयेज डेटा रिकॉर्डर, कम्युनिकेशन लॉग, आईएमईआई लोकेशन डेटा और तमाम टेलीकॉम रिकॉर्ड्स शामिल हैं। भारत के मुख्य न्यायाधीश Surya Kant ने जस्टिस Joymalya Bagchi और जस्टिस V Mohana के साथ मिलकर याचिकाकर्ता के वकील को केंद्र सरकार द्वारा जमा की गई स्टेटस रिपोर्ट को ध्यान से देखने का निर्देश दिया है और इस मामले की अगली कानूनी कार्यवाही आने वाले सोमवार को तय की गई है।

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