अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट लॉन्च कर पूरी तरह से किया बेघर.

Nura Basta28 August 20263 min read27 viewsWorld
अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट लॉन्च कर पूरी तरह से किया बेघर.

अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से तोड़ने के लिए एक नया और सख्त अभियान शुरू किया है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने 28 अगस्त 2026 को यह कंफर्म किया कि अमरीका ने 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' (Operation Economic Outcast) नाम से एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस अभियान का मुख्य मकसद ईरानी शासन को मिलने वाले हर एक आर्थिक सहारे को पूरी तरह से खत्म करना है। इस नई पहल को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा 24 अगस्त 2026 को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दी गई थी। इससे पहले भी अमेरिका ने 'ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी' नाम से एक अभियान चलाया था और अब इस नए कदम का उद्देश्य तेहरान को दुनिया भर से पूरी तरह से अलग-थलग करना है। इस संबंध में अधिक जानकारी आप व्हाइट हाउस की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

ईरान के कई सेक्टरों पर लगे नए प्रतिबंध

इस नए अमेरिकी अभियान के तहत प्रतिबंधों के दायरे को और ज्यादा बढ़ा दिया गया है। अब इसमें डिजिटल एसेट्स, टेक्नोलॉजी, सोना, एविएशन और शिपिंग सेक्टर को भी शामिल कर लिया गया है। अमरीका सीधे तौर पर ईरान के शैडो फ्लीट और वित्तीय नेटवर्क को निशाना बना रहा है। इस कार्रवाई के तहत करीब 60 ईरान से जुड़े लोगों, कंपनियों और जहाजों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। अमेरिका ने दुनिया के बाकी देशों को भी कड़ी चेतावनी दी है कि जो भी देश ईरान की मदद करेगा या उसे आर्थिक सहारा देगा, उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसके साथ ही इस रणनीति में यह मांग भी की गई है कि विदेश में चल रही बैंक मेल्ली ईरान (Bank Melli Iran) की सभी शाखाओं को तुरंत बंद किया जाए।

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ईरान की अर्थव्यवस्था की हालत हुई खराब

पिछले छह महीनों से चल रहे इस संघर्ष के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था बेहद खराब स्थिति में पहुंच गई है। देश से होने वाला तेल का निर्यात जो पहले रोजाना लगभग 1.8 मिलियन बैरल था, वह अब घटकर पांच लाख बैरल से भी कम रह गया है। ईरान के अंदर महंगाई दर बढ़कर लगभग 90 प्रतिशत के करीब पहुंच गई है। पिछले एक साल के दौरान खाने-पीने की चीजों के दाम दोगुने से भी ज्यादा हो गए हैं। इसके अलावा ईरान की करेंसी यानी रियाल की कीमत गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर यानी 2.05 मिलियन रियाल प्रति डॉलर पर आ गई है।

अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग तेज

इस पूरे मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। 27 अगस्त 2026 को पूर्व व्हाइट हाउस प्रेस സെക്രട്ടറി कैरोलिन लेविट ने कहा कि फिलहाल दोनों देशों के बीच किसी भी तरह की बातचीत नहीं चल रही है, क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे अभी किसी भी चर्चा के लिए जल्दी में नहीं हैं। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने 28 अगस्त 2026 को इस अमेरिकी अभियान को आर्थिक आतंकवाद करार दिया और संयुक्त राष्ट्र से इसमें दखل देने की अपील की। इसके अलावा, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रजाई ने चेतावनी दी है कि अगर यह समुद्री नाकाबंदी ऐसे ही जारी रही तो अमेरिका के हितों पर कड़ा हमला किया जाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि अगर पड़ोसी देश अमेरिका के इस अभियान में उसका साथ देते हैं, तो खाड़ी देशों से होने वाले तेल के शिपमेंट को भी रोका जा सकता है।

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