ऑपरेशन सदर्न स्पीयर को एक साल पूरा, अमेरिकी सैन्य अभियानों में मछुआरों की जान जाने पर उठे गंभीर सवाल।

आज यानी 2 सितंबर 2026 को ट्रंप प्रशासन के मिलिट्री कैंपेन 'ऑपरेशन सदर्न स्पीयर' को पूरे एक साल हो गए हैं। कैरेबियन, पैसिफिक और लैटिन अमेरिका में ड्रग तस्करों और नारकोटोरिस्ट के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान को लेकर अमेरिकी सरकार का कहना है कि यह देश की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। लेकिन इस बीच समुद्र में लापता हुए लोगों के परिवारों ने डर जताया है कि इन हमलों में सिर्फ तस्करों को नहीं बल्कि निर्दोष मछुआरों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी है।
अधिकारियों ने दिए आंकड़े और नागरिक मौतों पर चिंता
आज हुई एक ब्रीफिंग में अमेरिकी अधिकारियों ने यह पुष्टि की है कि इस अभियान के तहत अब तक कुल 68 सटीक हमले किए गए हैं, जिनमें 227 नाविकों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 17 लोग अभी भी लापता हैं जिन्हें मृत मान लिया गया है। इस सैन्य कार्रवाई में कुल 70 नौकाएं नष्ट की गईं, जिसमें 65 गो-फास्ट बोट और सबमर्सिबल शामिल हैं। इन आंकड़ों के बावजूद नागरिकों की मौत को लेकर चिंताएं कम नहीं हो रही हैं। एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने यह माना कि 2 सितंबर 2025 को हुए पहले हमले में मारे गए 11 लोगों में मानव तस्करी के शिकार लोग भी शामिल हो सकते हैं।
तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई और वित्तीय नुकसान
प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, U.S. Southern Command (SOUTHCOM) के ऑपरेशंस की वजह से समुद्री अवैध गतिविधियों में भारी कमी आई है। पश्चिमी कैरेबियन में 65 प्रतिशत, पूर्वी कैरेबियन में 60 प्रतिशत और पूर्वी पैसिफिक में लगभग 50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने वित्त वर्ष 2026 में 347.9 मीट्रिक टन कोकीन पकड़ी है, और सहयोगी देशों ने इसमें 189 मीट्रिक टन और जोड़ा है। इससे तस्करों को लगभग $8.8 बिलियन यानी करीब 8.8 अरब डॉलर के राजस्व का नुकसान हुआ है। पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई तक इस मिशन पर लगभग $820 मिलियन खर्च हो चुके हैं और कुल लागत $1 अरब के करीब पहुंच रही है।
कानूनी कार्रवाई की मांग और मानवाधिकार संगठनों की आपत्तियां
एमनेस्टी इंटरनेशनल यूएसए सहित कई कानूनी और मानवाधिकार संगठनों ने इन मौतों को गैर-न्यायिक हत्याएं बताया है और इस अभियान को तुरंत रोकने की मांग की है। U.S. Senator Tim Kaine ने राष्ट्रपति ट्रंप को 3 अगस्त 2026 को एक पत्र लिखकर जवाबदेही की मांग की थी और कहा था कि ऐसे सबूत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि ड्रग तस्करी से जुड़े न होने वाले बेकसूर लोग भी मारे गए हैं। पेंटागन और डीईए की आंतरिक रिपोर्टों से यह भी पता चलता है कि इन हमलों से अमेरिका में कोकीन की कीमत या सप्लाई पर कोई खास असर नहीं पड़ा है, क्योंकि तस्कर संगठनों ने सैन्य दबाव से बचने के लिए अपने तरीके बदल लिए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के बाकी समय में भी ये सैन्य अभियान जारी रहने की उम्मीद है।