बढ़ती लागत और वित्तीय संकट के बीच पाकिस्तान किसान इत्तेहाद ने सरकार से देशभर में कृषि आपातकाल घोषित करने की मांग की

पाकिस्तान किसान इत्तेहाद ने बढ़ती लागत और वित्तीय संकट के बीच देशभर में कृषि आपातकाल घोषित करने की मांग की है।

Gautam Sahu19 October 20261 min read4 viewsWorld
बढ़ती लागत और वित्तीय संकट के बीच पाकिस्तान किसान इत्तेहाद ने सरकार से देशभर में कृषि आपातकाल घोषित करने की मांग की

मुल्तान: पाकिस्तान किसान इत्तेहाद के अध्यक्ष खालिद महमूद खोखर ने देश के किसानों की बढ़ती आर्थिक तंगी को देखते हुए सरकार से देशभर में कृषि आपातकाल घोषित करने की अपील की है। 18 अक्टूबर 2026 को मुल्तान में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खोखर ने चेतावनी दी कि खेती की लागत बढ़ने और सरकारी फैसलों में देरी की वजह से किसान लगातार घाटे का सामना कर रहे हैं।

खोखर ने बताया कि खाद और डीजल जैसे जरूरी इनपुट की कीमतें बढ़ने और फसलों के सही दाम न मिलने से किसान संकट में हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक फसल सीजन में होने वाला वित्तीय नुकसान अगले तीन फसल चक्रों तक असर डालता है, जिससे किसानों के लिए उबरना मुश्किल हो जाता है।

एआरवाई न्यूज के मुताबिक, खोखर ने कृषि क्षेत्र की गिरती हालत के लिए सरकार की अस्थिर नीतियों और समय पर हस्तक्षेप न करने को जिम्मेदार ठहराया है। देश भर के किसान इस समय बिजली की बढ़ती कीमतों और पानी की कमी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं।

वर्तमान में गेहूं उत्पादन की लागत लगभग 3,761 पाकिस्तानी रुपये प्रति मन आंकी गई है। हालांकि सरकार ने गेहूं खरीद के लिए 4,500 रुपये प्रति 40 किलो का दाम तय किया था, लेकिन पाकिस्तान किसान रब्ता कमेटी और अन्य किसान संगठन 5,000 रुपये प्रति मन का समर्थन मूल्य और कुल लागत पर 25 प्रतिशत मुनाफे की गारंटी मांग रहे हैं।

19 अक्टूबर 2026 को देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान किसानों ने आईएमएफ के प्रभाव वाली नीतियों और कॉरपोरेट द्वारा जमीन कब्जाने पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि खरीद तंत्र मजबूत न होने की वजह से वे बाजार के बिचौलियों और कार्टेल्स के सामने लाचार हैं।

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