Pakistan: इस्लामाबाद के अस्पताल में भयानक आग, 14 मासूम बच्चों की मौत पर पीएम शहबाज शरीफ ने दिए सख्त आदेश।

Praggya Singh sabal29 August 20264 min read26 viewsWorld
Pakistan: इस्लामाबाद के अस्पताल में भयानक आग, 14 मासूम बच्चों की मौत पर पीएम शहबाज शरीफ ने दिए सख्त आदेश।

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में स्थित Pakistan Institute of Medical Sciences (PIMS) के नौजात शिशु वार्ड में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां भीषण आग लगने से 14 मासूम बच्चों की जान चली गई। इस भयानक हादसे के बाद पूरे देश में शोक और गुस्से का माहौल है, और आम जनता इस बड़ी लापरवाही पर कड़ा सवाल उठा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए देश के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने मामले में तुरंत कड़ा एक्शन लिया है और कुल 8 बड़े अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही इन सभी लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही यानी क्रिमिनल प्रोसीडिंग्स शुरू कर दी गई है ताकि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जा सके।

अस्पताल की बड़ी लापरवाही और जांच रिपोर्ट

यह पूरी घटना 29 अगस्त 2026 को सामने आई, जब अस्पताल के अंदर अचानक आग फैल गई और देखते ही देखते वार्ड को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे की जांच के लिए सरकार की तरफ से एक विशेष जांच कमेटी बनाई गई थी जिसकी अगुवाई सेवानिवृत्त वरिष्ठ सिविल सेवक Shahid Khan कर रहे थे। इस कमेटी ने अपनी शुरुआती अंतरिम रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंप दी, जिसमें कई चौंकाने वाले और गंभीर खुलासे किए गए हैं। जांच में सामने आया कि अस्पताल के इस वार्ड में सुरक्षा के बुनियादी इंतजामों की भारी कमी थी। वार्ड के अंदर न तो कोई फायर अलार्म लगा हुआ था और न ही स्प्रिंकलर सिस्टम मौजूद था, जो आग लगने पर तुरंत पानी छिड़क सकें। इसके अलावा, आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए बनाए गए मानक संचालन प्रक्रियाओं यानी SOPs में से केवल दो ही नियम ऐसे थे जो आपातकाल पर लागू होते थे।

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जांच में यह भी पता चला कि यह पूरा वार्ड World Health Organization के सुरक्षा नियमों का खुला उल्लंघन कर रहा था। जब यह भयानक हादसा हुआ, तब वार्ड में कोई भी जिम्मेदार सुपरवाइजरी स्टाफ मौजूद नहीं था। सीसीटीवी फुटेज की जब जांच की गई तो यह बात सामने आई कि केवल 2 मिनट के अंदर ही पूरे वार्ड में आग फैल गई थी, हालांकि आग लगने की असली वजह अभी भी जांच के दायरे में है और उसका पता लगाया जा रहा है। फोन कॉल किए जाने के करीब 15 मिनट बाद दमकल और राहत दल मौके पर पहुंचे थे, और यह कॉल आग लगने के 6 मिनट के बाद की गई थी।

निलंबित किए गए बड़े अधिकारी और प्रशासनिक कार्रवाई

प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस तरह के गंभीर अपराध और लापरवाही के लिए किसी भी दोषी को बिल्कुल माफ नहीं किया जाएगा। सरकार ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कई शीर्ष अधिकारियों पर गाज गिराई है। निलंबित किए जाने वाले अधिकारियों में PIMS के कार्यकारी निदेशक Prof Dr. Imran Sikandar, नियोनेटोलॉजी विभाग की प्रमुख Prof Dr. Sadia Riaz, सीनियर रजिस्ट्रार Dr. Nagham, संयुक्त कार्यकारी निदेशक MCH Dr. Mutahir Shah, गैर-चिकित्सा संयुक्त कार्यकारी निदेशक Ch Waris Ali Raza, Dr. Nosheela Amjad, सुरक्षा सहायक निदेशक Muhammad Usman और कैपिटल डेवलपमेंट अथॉरिटी के इमरजेंसी सर्विसेज के महानिदेशक Dr. Abdul Rehman शामिल हैं।

इतना ही नहीं, संघीय स्वास्थ्य सचिव Aslam Ghauri को उनके पद से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके अलावा चार्ज नर्स Nasreen और सुरक्षा गार्ड Maria को अंतिम रिपोर्ट आने तक विशेष ड्यूटी अधिकारी के रूप में तैनात कर दिया गया है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Dr. Muhammad Salman को PIMS का नया कार्यवाहक कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया है। सरकार ने यह भी आदेश दिया है कि इस पूरी जांच की शुरुआती रिपोर्ट को स्वास्थ्य मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाए ताकि लोग सच्चाई जान सकें।

पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान और बहादुरी के लिए सम्मान

इस हृदय विदारक घटना में अपने बच्चों को खोने वाले परिवारों के दर्द को बांटने के लिए सरकार ने बड़ी घोषणा की है। प्रभावित प्रत्येक पीड़ित परिवार को 5 मिलियन रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया गया है। दूसरी ओर, इस भीषण आग के बीच अपनी जान की परवाह न करते हुए एक मासूम बच्चे की जान बचाने वाली नर्स Razia Noreen की जमकर तारीफ की गई। उनकी इस बहादुरी और जांबाजी के लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित सम्मान Sitara-e-Khidmat से नवाजे जाने और 1 मिलियन रुपये के नकद इनाम से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाली उस प्राइवेट सिक्योरिटी फर्म के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है जिसे अस्पताल की सुरक्षा का ठेका दिया गया था।

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