पाकिस्तान सऊदी अरब के तरफ़ से कभी भी कर सकता हैं हमला, मक्का में साइन हुआ एग्रीमेट अब होगा मुक्कमल

Lov Singh10 September 20264 min read34 viewsSaudi
पाकिस्तान सऊदी अरब के तरफ़ से कभी भी कर सकता हैं हमला, मक्का में साइन हुआ एग्रीमेट अब होगा मुक्कमल

इस्लामाबाद/रियाद: यमन के हौथी विद्रोहियों के सऊदी अरब पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद पाकिस्तान के सैन्य हस्तक्षेप की आशंका बढ़ गई है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने चेतावनी दी है कि अगर हौथी हमले सऊदी क्षेत्र में जारी रहे, तो हाल ही में बने मक्का संयुक्त रक्षा समझौते को सक्रिय किया जा सकता है। हालांकि, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अभी इस समझौते के तहत सैन्य कार्रवाई पर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है।

सऊदी पर बड़ा हमला, 73 लोग घायल

मंगलवार को हौथियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी इलाकों—अभा, खमिस मुशैत, जिजान और नजरान—को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 73 लोग घायल हुए। हमलों में सैन्य ठिकानों के साथ-साथ ऊर्जा और आर्थिक ढांचे को भी निशाना बनाया गया।reuters+1

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हौथी सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि हमलों में सऊदी तेल कंपनी अरामको से जुड़े ठिकानों और किंग खालिद एयर बेस को निशाना बनाया गया। हौथियों का कहना है कि यह कार्रवाई यमन में सऊदी समर्थित बलों के हमलों के जवाब में की गई।

सऊदी ने किया जवाबी हमला

हौथी हमलों के बाद सऊदी अरब ने यमन में जवाबी हवाई कार्रवाई की। हौथी मीडिया के मुताबिक, सऊदी विमानों ने 12 घंटे के भीतर यमन के कई प्रांतों में 54 हवाई हमले किए। इन हमलों में मारिब, अल-जौफ, ताइज, सादा, होदेदा और अल-बायदा जैसे क्षेत्र शामिल बताए गए हैं।

अब हौथियों ने सऊदी कार्रवाई का बदला लेने की धमकी दी है। इससे यमन और सऊदी अरब के बीच संघर्ष दोबारा बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदलने का खतरा पैदा हो गया है।

पाकिस्तान ने ईरान को दिया संदेश

रॉयटर्स के अनुसार, पाकिस्तान ने सऊदी अरब की ओर से ईरान को संदेश पहुंचाया है कि वह हौथियों पर लगाम लगाए। हौथियों को ईरान का समर्थन प्राप्त है, हालांकि तेहरान लंबे समय से हौथियों के सैन्य अभियानों में सीधे शामिल होने से इनकार करता रहा है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब पर हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान सऊदी की संप्रभुता और सुरक्षा के साथ खड़ा है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने भी कहा कि सऊदी अरब को अपने क्षेत्र, नागरिकों और राष्ट्रीय संपत्तियों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत आवश्यक कदम उठाने का अधिकार है।

क्या पाकिस्तान हौथियों पर हमला करेगा?

कुछ सुरक्षा सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट सामने आई है कि पाकिस्तान सऊदी अरब की जमीन से यमन में हौथी ठिकानों पर हवाई हमले करने पर विचार कर रहा है। हालांकि, यह अभी आधिकारिक फैसला नहीं है और पाकिस्तान ने सैन्य कार्रवाई की सार्वजनिक घोषणा नहीं की है।

पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हाल ही में हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में कथित तौर पर यह प्रावधान है कि किसी एक सदस्य पर हमला होने को सभी पर हमला माना जा सकता है। लेकिन पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने यह भी कहा है कि यह समझौता किसी देश पर अपनी पहल पर हमला करने का आक्रामक लाइसेंस नहीं देता।

समझौता सक्रिय हुआ तो क्या होगा?

अगर सऊदी अरब औपचारिक रूप से सैन्य मदद मांगता है और पाकिस्तान समझौते को लागू करने का फैसला करता है, तो संभावित कदमों में शामिल हो सकते हैं:

  • सऊदी हवाई क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ाना।
  • मिसाइल और ड्रोन रोधी अभियानों में मदद।
  • खुफिया और निगरानी सहयोग।
  • सऊदी ठिकानों से यमन में सीमित हवाई हमले।
  • लाल सागर और बाब-अल-मंदेब क्षेत्र में नौसैनिक सुरक्षा बढ़ाना।

लेकिन पाकिस्तान के लिए यह फैसला आसान नहीं होगा। यमन में सीधा सैन्य अभियान पाकिस्तान को ईरान के साथ टकराव में ला सकता है और पूरे पश्चिम एशिया में संघर्ष फैलने का खतरा बढ़ा सकता है।

फिलहाल स्थिति

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना सही होगा कि पाकिस्तान ने हौथियों पर हमला करने का अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन सऊदी अरब पर लगातार हमले हुए तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला रखा गया है। पाकिस्तान अभी चेतावनी, कूटनीतिक दबाव और सऊदी के समर्थन तक सीमित दिखाई दे रहा है।

अगर हौथी फिर सऊदी के ऊर्जा ठिकानों, शहरों या सैन्य अड्डों पर बड़े हमले करते हैं, तो मक्का रक्षा समझौता अपनी पहली और सबसे कठिन परीक्षा में पहुंच सकता है।

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