Pakistan Telecom Services: खराब इंटरनेट और मोबाइल कॉल पर पाकिस्तान सरकार सख्त, टेलीकॉम कंपनियों के CEO तलब

Nura Basta11 September 20262 min read18 viewsWorld
Pakistan Telecom Services: खराब इंटरनेट और मोबाइल कॉल पर पाकिस्तान सरकार सख्त, टेलीकॉम कंपनियों के CEO तलब

पाकिस्तान में मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं की बदतर हालत को लेकर नेशनल असेंबली की स्टैंडिंग कमेटी ने कड़ी नाराजगी जताई है। संसद भवन में गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को हुई इस बैठक में आम जनता की परेशानियों पर खुलकर चर्चा की गई और अधिकारियों से जवाब मांगा गया। इस बैठक की पूरी जानकारी National Assembly of Pakistan की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है। कमेटी के चेयरमैन Syed Amin-ul-Haq ने बैठक के दौरान कहा कि देश में कनेक्टिविटी इतनी खराब हो चुकी है कि यूजर्स को एक ही कॉल मिलाने के लिए कई-कई बार नंबर डायल करना पड़ता है।

टेलीकॉम कंपनियों और PTA पर सख्त कार्रवाई की तैयारी

बैठक के दौरान पाकिस्तान टेलीकॉम अथॉरिटी (PTA) के अधिकारियों ने भी माना कि देश भर में नेटवर्क की क्वालिटी बहुत खराब है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले छह महीनों के दौरान टेलीकॉम कंपनियों को कुल 4 शो-कॉज नोटिस जारी किए गए हैं। अगर पुराने आंकड़ों पर नजर डालें तो रेगुलेटर ने अब तक कुल 48 शो-कॉज नोटिस और 22 चेतावनी पत्र जारी किए हैं। इन सब के बावजूद कंपनियों पर कुल 68.9 मिलियन रुपये का ही जुर्माना लगाया जा सका है, जबकि नियमों के अनुसार जुर्माने की अधिकतम क्षमता 350 मिलियन रुपये तक है।

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पीटीए ने यह भी बताया कि टेलीकॉम कंपनियां अक्सर इन जुमार्नों को अदालत में चुनौती दे देती हैं, जिसकी वजह से समय पर कोई सख्त सुधारात्मक कार्रवाई नहीं हो पाती है। इन सब को देखते हुए कमेटी ने यह फैसला किया है कि देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों Jazz, Zong और Ufone के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO) को अगली बैठक में तलब किया जाएगा। इन कंपनियों से पूछा जाएगा कि आखिर सेवाओं में लगातार गिरावट क्यों आ रही है और इसे सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

बिजली की समस्या और NEPRA की भूमिका

मोबाइल टावर्स के लिए लगातार बिजली की आपूर्ति पर भी लंबी चर्चा की गई। पावर डिवीजन ने पहले ही साफ कर दिया था कि टावर्स के लिए अलग से डेडिकेटेड फीडर देना संभव नहीं है। इस समस्या से निपटने के लिए अब कमेटी टेलीकॉम सेक्टर को 'इंडस्ट्रियल स्टेटस' यानी औद्योगिक दर्जा देने पर विचार कर रही है ताकि लोड-शेडिंग के असर को कम किया जा सके।

इस सिलसिले में नेशनल इलेक्ट्रिक पावर रेगुलेटरी अथॉरिटी यानी NEPRA के अधिकारियों को भी अगली बैठक में बुलाया जाएगा। नेप्रा ने वित्त अधिनियम 2021 के तहत वर्गीकरण होने के बावजूद टेलीकॉम सेक्टर को उद्योग मानने से इनकार कर दिया था, जिस पर कमेटी जवाब तलब करेगी। इसके अलावा, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के सदस्यों के विरोध के बाद Electronic Transactions (Amendment) Bill, 2026 पर चर्चा को फिलहाल टाल दिया गया है।

कमेटी ने PTA को यह कड़ा निर्देश दिया है कि वह पिछले छह महीनों में जारी किए गए सभी शो-कॉज नोटिस, लगाए गए जुर्माने और उनकी रिकवरी की स्थिति का पूरा रिकॉर्ड अगली समीक्षा के लिए जल्द से जल्द जमा करे।

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