UAE में रहने वाले पाकिस्तानियों के लिए बड़ी राहत, अब घर बैठे मिलेंगे पंजाब के जमीन के कागजात.

Nura Basta9 September 20262 min read35 viewsUAE
UAE में रहने वाले पाकिस्तानियों के लिए बड़ी राहत, अब घर बैठे मिलेंगे पंजाब के जमीन के कागजात.

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में रहने वाले 1.5 मिलियन से अधिक पाकिस्तानी प्रवासियों के लिए एक बहुत बड़ी और काम की खबर सामने आई है। अबू धाबी स्थित पाकिस्तानी दूतावास और दुबई में स्थित वाणिज्य दूतावास ने पंजाब लैंड रिकॉर्ड अथॉरिटी यानी PLRA के साथ मिलकर आधिकारिक तौर पर पंजाब लैंड रिकॉर्ड सेवाओं की शुरुआत कर दी है। इस नई सुविधा के ऐलान के बाद अब उन सभी प्रवासियों को बहुत बड़ी राहत मिल गई है जो यूएई में रहकर भी अपने देश, यानी पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में जमीन या घर के कागजात हासिल करना चाहते थे।

अब पाकिस्तान जाने की नहीं होगी कोई जरूरत

पहले लोगों को अपनी जमीन के कागजात, जिन्हें स्थानीय भाषा में Fards कहा जाता है, हासिल करने के लिए पंजाब वापस जाना पड़ता था या फिर अपने रिश्तेदारों और एजेंटों पर निर्भर रहना पड़ता था। इस वजह से कई बार लोगों को कागजी धोखाधड़ी, लंबे समय तक देरी और भारी वित्तीय खर्च का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब इस नई पहल के शुरू होने के बाद यूएई में रहने वाले लोग बिना अपने देश की यात्रा किए सीधे तौर पर कूटनीतिक मिशन यानी दूतावास के जरिए अपनी जमीन के रिकॉर्ड की जांच कर सकते हैं और जरूरी दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं। यह सर्विस कृषि योग्य भूमि, मकान और प्लॉट के मालिकों के लिए उपलब्ध कराई गई है।

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इन दस्तावेजों की होगी जरूरत और ऐसे मिलेगा लाभ

यदि आप भी इस सेवा का लाभ उठाना चाहते हैं तो आपको अबू धाबी स्थित दूतावास या दुबई स्थित वाणिज्य दूतावास के 24/7 हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करना होगा या फिर आधिकारिक कामकाजी घंटों के दौरान वहां जाना होगा। आवेदन करते समय लोगों को अपना मूल कंप्यूटरकृत राष्ट्रीय पहचान पत्र यानी CNIC या ओवरसीज पाकिस्तानियों के लिए राष्ट्रीय पहचान पत्र यानी NICOP, अपना पासपोर्ट और कोई भी संबंधित मौजूदा संपत्ति दस्तावेज साथ रखना होगा। इस पूरी प्रक्रिया से पाकिस्तान के पंजाब में बने अराज़ी रिकॉर्ड केंद्रों के चक्कर काटने की जरूरत पूरी तरह से खत्म हो गई है।

डिजिटल सेवाओं का विस्तार और प्रवासियों को फायदा

सरकारी अधिकारियों ने जानकारी दी है कि यह सुविधा इस्लामाबाद के उस बड़े आदेश का हिस्सा है जिसके तहत विदेशों में रहने वाले पाकिस्तानियों के लिए सार्वजनिक सेवाओं को पूरी तरह से डिजिटल बनाया जा रहा है। इससे पहले ब्रिटेन में भी इसी तरह की एक सेवा शुरू की जा चुकी है। यूएई में निर्माण श्रमिक, ड्राइवर और कारोबारी समेत हर पेशे से जुड़े लोग बड़ी संख्या में रहते हैं और यह देश पाकिस्तान के लिए रेमिटेंस का एक बहुत बड़ा जरिया है। इस सेवा के शुरू होने से बैंक लोन, जमीन से जुड़े विवादों या फिर प्रॉपर्टी की बिक्री जैसे कामों में आने वाली बाधाएं दूर होंगी और प्रवासियों का कीमती समय तथा पैसा दोनों बचेगा।

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